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वसुधैव कुटुम्बकम एवं 21वीं सदी भारत का स्वागत

सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने 12 मई को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम संबोधन पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी भारत की होगी अर्थात भारत ही जगत गुरू कहलायेगा। भारत ही विश्व एकता की पहल करेगा और नेतृत्व भी करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश शुरू से ही वसुधैव कुटुम्बकम अर्थात पूरी वसुधा को ही कुटुम्ब मानने की वकालत करता आ रहा है। प्रधानमंत्री ने ‘जय जगत’ का महत्व भी अपने सम्बोधन में स्पष्ट किया है। डा. गाँधी ने कहा कि सी.एम.एस. अपनी स्थापना के समय से ही, विगत 62 वर्षों से सारी दुनिया में ‘जय जगत’ एवं ‘वसुधैव कुटम्बकम’ का अलख जगा रहा है और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘जय जगत’ की महत्ता को स्थापित कर दिया है, जिससे विश्व एकता एवं विश्व शान्ति की राह पर बढते रहने हेतु सी.एम.एस. का मनोबल ऊँचा हुआ है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं।
 डा. गाँधी ने बताया कि सी.एम.एस. की स्थापना 1959 में पाँच बच्चों से हुई थी। इन पाँच बच्चों की स्लेट पर पहले ही दिन ‘जय जगत’ लिखवाया गया था। आज सी.एम.एस. में अध्ययनरत 56000 छात्र ‘जय जगत’ की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का सतत प्रयास कर रहे हैं। डा. गाँधी ने कहा कि इस कड़ी में सी.एम.एस. द्वारा विगत 20 वर्षों से लगातार अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन का आयोजन लखनऊ में किया जा रहा है, जिसमें अब तक 136 देशों के 1299 मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश तथा राष्ट्राध्यक्ष प्रतिभाग कर चुके हैं तथापि विश्व की न्यायिक बिरादरी ने सी.एम.एस. के विश्व एकता, विश्व शान्ति व विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य की मुहिम को भारी समर्थन दिया है।
 सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने कहा कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल विश्व का अकेला ऐसा विद्यालय है जो अपने यहाँ अध्ययनरत लगभग 56000 छात्रों को सर्वधर्म समभाव एवं विश्व एकता की शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उन्हें उच्च जीवन मूल्य प्रदान कर मानवता की सेवा करने वाला एक आदर्श विश्व नागरिक बनाता है, साथ ही संसार के ढाई अरब बच्चों की शान्ति सुरक्षा के लिए भी सतत् प्रयासरत है। सी.एम.एस. के इन प्रयासों को पूरी दुनिया में सराहा गया है।


 


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