प्रशासन व दबंगों के गठजोड़ से हो रहे कब्जे: कमल सिंह चैहान

कांग्रेस नेता कमल सिंह चैहान ने कहा है, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में गरीब, बेबस जनता पर अन्याय व अत्याचार दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं। भ्रष्ट प्रशासन व दबंग माफियाओं का गठजोड़ सरेआम गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जे कर रहा है। आये दिन आ रही अवैध कब्जों की खबरें पढ़कर लगता है कि रायबरेली जिला प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारी व जिम्मेदार दबंगों, भूमाफियाओं के साथ है। मगर कांग्रेस पार्टी जिले में हो रहे इन अवैध कब्जों व गरीबों, आम जनता के साथ हो रहे अन्याय व अत्याचार पर चुप नहीं रहेगी।
श्री चैहान ने कहाकि जल्द ही वह जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलकर इन सब मामलों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे और अगर फिर भी प्रशासन न चेता तो लाकडाउन नियमों व आदेशों के अंतर्गत अहिंसात्मक विरोध करेंगे। कमल सिंह चैहान ने लालगंज तहसील अंतर्गत गोविन्दपुर वलौली ग्राम में हो रहे अवैध कब्जे के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस झूठ बोल कर गुमराह करती रही और भू माफिया जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। एक पीड़ित अपनी भूमि पर भूमाफियायों द्वारा
हो रहे कब्जे को रुकवाने के लिए पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक की चैखट पर चक्कर काटता रहा और पुलिस अपने उच्चाधिकारियों को झूठी रिपोर्ट भेजकर गुमराह करती रही। भूमाफिया निरंतर अवैध निर्माण कर रहे है। अब पीड़ित को न्याय कौन देगा ये एक प्रश्नचिन्ह बनकर गूूंज रहा है। जिले के तहसील लालगंज के अन्तर्गत ग्राम गोविन्दपुर वलौली निवासी दीपक कुमार पुत्र गणेश प्रसाद की पैतृक भूमि गाटा संख्या 256 है। जिस पर गांव के भूमाफिया के द्वारा जबरन अवैध कब्जा किया गया। जिसमे पीड़ित का आरोप है कि पुलिस व प्रशासनिक अधिाकारियो में कोतवाली लालगंज व एसडीएम समेत कई जगहों पर लिखित शिकायत कई बार किया लेकिन बेखौफ भूमाफिया द्वारा लाकडाउन का फायदा उठाते हुए जबरन अवैध कब्जा करना प्रारंभ कर दिया गया है। जबकि क्षेत्रीय सिपाही से लेकर क्षेत्रीय दरोगा ने उच्चाधिकारियों को कार्य रुकवाने की झूठी रिपोर्ट भेज दी। जबकि आरोपित के द्वारा अवैध निर्माण सरेआम किया जा रहा है। जिसके खिलाफ एंटी भूमाफिया टीम भी कार्यवाही करने मे क्यों कतरा रही है और क्यों पुलिस जान बूझकर गुमराह कर रही है ये एक पहेली बनकर गूंज रहा है। हालांकि पीड़ित की माने तो आरोपित भू माफिया दबंग है जिसके कई अपराधी मित्र है जिसमे पुलिस एवं प्रशासनिक लोग क्यों उससे भय खाते है जिसके पीछे सेटिंग गेटिंग की चर्चा है देखना ये है कि आखिर कौन पीड़ित को न्याय दिलवाएगा कौन अधिकारी सुनेगा ये सवाल खड़ा हो गया है। उधर एडीएम राजस्व ने बताया कि जांच करवाने के बाद ही विधिक कार्यवाही की जाएगी।