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सारे मतभेद भुलाकर ब्राहमण एकजुट हो, तभी उत्थान संभव- कुल्लू महाराज


यू पी चीफ रामकुमार वैष्णो

ललितपुर । कस्बा जखौरा स्थित श्री सिद्ध क्षेत्र राखपंचमपुर की धरा पर ब्राह्मण मिलन सम्मान समारोह जिला पंचायत सदस्य एवं अखिल भारतीय ब्राहमण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष पं लीलाधर दुबे कुल्लू महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। जिसमें हजारों की संख्या में विप्रजनों ने सहभागिता दिखायी। कार्यक्रम में बाहर से आये मुख्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। साथ ही समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए एकजुटता का मंत्र दिया गया।

कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर सर्वप्रथम भगवान श्री परशुराम जी के चित्र के समक्ष मंत्रोचारण के साथ दीपप्रज्जवलित कर पुष्प अर्पित किये गये। इस मौके पर अखिल भारतीय ब्राहमण महासभा प्रदेशाध्यक्ष व वर्तमान जिला पंचायत सदस्य पं. लीलाधर दुबे कुल्ल्लू महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि ब्राहमणों को अब एकजुटत होना चाहिए। सरकारें केवल और केवल ब्राहमणों को अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती आयीं हैं। सबसे ज्यादा अत्याचार यदि किसी जाति पर हुये हैं, तो वह ब्राहमण है। देखा जाए तो ब्राहमण की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय है। यह बात किसी से छिपी नही है। सारे गिले शिकवे भुलाकर सभी को एक मंच पर आना चाहिए। तभी समाज का उत्थान संभव है। उन्होनें मंच से घोषणा करते हुये कहा कि जनपद के किसी भी ब्राहमण भाई को यदि कोई जरूरत है, तो वह उसके लिए चौबीस घंटे सहायता के लिए तत्पर है। यह कोई राजनेतिक मंच नही है। यहां केवल ब्राहमणों को एकजुट करने के लिए आज हम सब इकठ्ठे हुये हैं। उनके बाद उत्तर प्रदेश प्रभारी वैभव  बाजपेई ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही कुछ महिनों में ब्राहमणों पर अत्याचार हुये हैं। फिर भी विप्र वर्ग शांत स्वाभाव के कारण चुप है। अब सभी को एक सुर में अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी होगी। और हमसे जो भी सहायता बनेगी उसके लिए वह तत्पर रहेगें। कार्यक्रम के बीच में जनप्रतिनिधियों सहित दूर दराज के गांवों एवं बाहर  से आये विप्रजनों को मंच पर बुलाकर उन्हे भगवान श्री परशुराम जी के चित्र की स्मृति चिन्ह व शाल पहनाकर सम्मानित किया गया। वहां उपस्थित सभी लोगों ने जय परशुराम के नारे लगाए। सारा पंाडाल जय परशुराम के नारों से गुजांयमान हो उठा। तत्पश्चात कार्यक्रम में वक्ताओं में सस्कृत  शिक्षा परिषद के सदस्य धर्मेंद्र गोस्वामी, प्रशांत शुक्ला, इंद्रेश तिवारी, जी एस तिवारी, श्याम बिहारी कौशिक, चन्द्रदीप रावत, विनोद अवस्थी, शिव कुमार शास्त्री, कमलेश शास्त्री, मोहित पांडेय, केके गंगेले, अनुराग तिवारी, नीरज तिवारी,आशीष रावत, नरेश शुक्ला, भूपेंद्र सरवैया, मनोज शर्मा,कृष्णा शर्मा, शिवम तिवारी, शिवम लिटोरिया, सूर्य प्रकाश सिरोठिया, गौरव त्यागी, आयुष शर्मा, शिव कुमार मिश्रा,दिनेश नायक, भरतकान्त, मंयक वैध, अवध बिहारी पटैरिया, अनिल पुरोहित,संजय रावत , राजकुमार नायक आदि ने संबाधित किया। आयोजक समिति में सुनील पुरोहित मुहारा, नीरज गंगेले, गोपाल दुबे, सोनू दुबे , राहुल दुबे, राम दुबे, सुमित चौबे, सूर्य प्रकाश विदुआ, आनंद नायक आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सुनील पुरोहित मुहारा, नीरज गंगेले, गोपाल दुबे ने संयुक्त रूप से सभी विप्रजनों का आभार व्यक्त किया।


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