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संदेश

नई विश्व व्यवस्था

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ के तत्वावधान में आॅनलाइन आयोजित ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 21वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ के प्रतिभागी 63 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, न्यायविद्, कानूनविद् व अन्य प्रख्यात हस्तियों  ने ‘लखनऊ घोषणा पत्र’ के माध्यम से संकल्प व्यक्त किया है कि वे विश्व एकता, विश्व शान्ति एवं भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य हेतु ‘नई विश्व व्यवस्था’ के गठन हेतु सतत् प्रयास करते रहेंगे। विदित हो कि लगातार चार दिनों तक सम्पन्न हुए इस महासम्मेलन के अन्तर्गत विश्व की प्रख्यात हस्तियों, न्यायविद्ों व कानूनविद्ों की गहन परिचर्चा के निष्कर्ष स्वरूप ‘लखनऊ घोषणा पत्र’ जारी किया गया। न्यायविदों ने संकल्प व्यक्त किया कि वे अपने देश में अपनी सरकार के सहयोग से इस मुहिम को आगे बढायेंगे जिससे विश्व के सभी नागरिकों को नई विश्व व्यवस्था की सौगात मिल सके और प्रभावशाली विश्व व्यवस्था कायम हो सके। उक्त जानकारी सम्मेलन के संयोजक, प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी, संस्थापक, सी.एम.एस., ने दी है। लखनऊ घोषणा पत्र के विस्तृत विवरण में मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व कानूनविद्ों ने कहा है कि - हा

माँ के स्नेह का कोई मूल्य नहीं होता हैं

माता-पिता, बुजुर्गो के प्रति सेवा, आदर व सम्मान प्रकट करने से आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, राष्ट्रीय एकता, अखण्डता को बलवती करने का बल मिलता है। समाज सेवी माताश्री निरंजनी श्रीवास्तव पत्नी हरीश चन्द्र श्रीवास्तव ने अपने सीमित संसाधनो से परिवार व समाज के लोगो को विपत्तियों में आगे बढ़ने की पे्ररणा दी। माँ के स्नेह का कोई मूल्य नहीं होता हैं। जीवन और मृत्यु के सफर के बीच में किये गये कार्य ही व्यक्तित्व स्थापित करते है। महत्वपूर्ण यह नही है कि जिन्दगी में कितने खुश हम है बल्कि यह है कि आपके व्यवहार से कितने लोग खुश है। आज के सामाजिक परिवेश में जब मानवीय मूल्य गौड़ होते जा रहे है ऐसे में मानवीय मूल्यो की सुरक्षा सुढ़ता के लिए बुजुर्गो के विचारो व क्रिया-कलापो को आत्मसात करना जरूरी है। यह विचार पत्रकार हिमांशु श्रीवास्तव की माताश्री निरंजनी श्रीवास्तव पत्नी हरीश चन्द्र श्रीवास्तव की स्मृति में 92 फिरोज गांधी कालोनी में आयोजित एक कार्यक्रम में सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार द्वारा माताश्री निरंजनी श्रीवास्तव के चित्र पर पुष्प व श्रद्धासुमन अर्पित करने के उपरान्त व्यक्त किये गये। माताश्री निरंज

सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में प्रगति रथ सहयोग दे रहा हैं

प्रगति रथ संस्था झाँसी द्वारा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, के सौजन्य से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान पिछले 25 दिनों से चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रगति रथ की टीम अक्स नाट्य एवं कला संस्थान, झाँसी के रंगकर्मियों के साथ सदर बाजार, कचहरी चैराहा, मिनर्वा चैराहा और मानिक चैक, झाँसी पर नुक्कड़ नाटक लेकर उतरी। जहाँ लोगो को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सन्देश दिया गया कि यातायात के नियमो का पालन करें, नियम न मानने की वजह से ही दुर्घटनाएं होती हैं और जान-माल की हानि होती है। नाटक के जरिये लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमो की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई और लोगों से प्रार्थना की गई कि वे यातायात नियमो का पालन करें एवं स्वयं की सुरक्षा करें। साथ ही लोगो को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। इस अभियान में झांसी प्रशासन, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस प्रगति रथ को भरपूर सहयोग दे रहे हैं।  इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक टीम से शरद नामदेव, देवदत्त बुधोलिया, शीलू पंडित, विकास बहादुर, वीरेन्द्र ढोलकिया, संजू तिवारी, अंशुल शर्मा, डॉली ठाकुर, झुल्लन मामा (शायर), एवं संस्था से अध्यक्ष श्री विजय च

परिवहन कार्यालय के चककर नही लगाना होगा सभी कार्य पेपरलैस होंगे

जिलाधिकारी झांसी आन्द्रा वामसी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में जनपद के समस्त आटो मोबाइल डीलर्स के साथ संवाद स्थापित करते हुये कहा कि शासन की मंशा है कि परिवहन कार्यालय दलालमुक्त हो। इसके लिये प्रदेश सरकार के द्वारा परिवहन विभाग में आम जनमानस को सुविधा पहुंचाने के लिये आनलाइन सेवा प्रारम्भ कर दी गयी है। जिससे आम जनमानस का कार्य बड़े ही आसान तरीके से सम्पन्न हो और उन्हें कोई समस्या न हो तथा परिवहन विभाग के चक्कर न लगाने न पड़े। आप सभी के सहयोग से ही यह सुविधायें आनलाइन आम जनमानस को दी जानी है।  जिलाधिकारी ने दोपहिया व चारपहिया आटोमोबाइल्स डीलर्स से बात करते हुये कहा कि पावर प्रेजेन्टेशन के माध्यम से आपको 25 आनलाइन सेवाओं के बारे में बिन्दुवार बताया गया है। आनलाइन सेवा के पूर्व अपने मोबाइल नम्बर का रजिस्ट्रेशन करना होगा तथा डिजीटल सिग्नेचर भी आपको लेने होंगे, उसके बाद सभी कार्य प्रापर ढंग से सम्पादित किये जा सकेगे। उन्होने कहा कि वाहन एवं सारथी सम्बन्धित 25 सेवायें वाहन पोर्टल पर प्रदर्शित होगी। जिसके माध्यम से प्रत्येक आवेदन की समय से जानकारी लेते हुये प्रगति की समीक्षा की जा सकेगी। यदि

जागरुकता संगोष्ठी का आयोजन

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय कानूनी सेवा दिवस के अवसर पर कोविड-19 कोरोना के दिशा-निर्देशों व समाजिक दूरी का पालन करते हुए जागरुकता संगोष्ठी का आयोजन जिला परिषद मार्केट बछरांवा जनपद रायबरेली स्थित लीगल ऐड क्लीनिक में किया गया। संगोष्ठी में उपस्थित लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अधिनियम 1987 एवं लीगल ऐड क्लीनिक द्वारा पीड़ित लोगों को उपलब्ध कराने वाली विभिन्न निःशुल्क कानूनी सहायता के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। उपस्थित लोगों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरुक किया गया। इस अवसर पर कोविड-19 एवं महिला सुरक्षा सम्मान एवं स्वालबंन के विषय में जानकारी देते हुए महिलाओं के लिए संचालित हेल्पलाइन 102, 108, 1090 के बारे में जानकारी प्रदान की गयी।

जब विश्व की एक सरकार बनेगी

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ द्वारा आॅनलाइन आयोजित किये जा रहे विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 21वाँ चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न हो गया। विभिन्न देशों के प्रख्यात न्यायविद्ों, कानूनविद्ों व अन्य गणमान्य हस्तियों ने एक स्वर से कहा कि वह दिन अब दूर नहीं है जब विश्व की एक सरकार बनेगी और भावी पीढ़ी को ‘स्वच्छ वातावरण, शान्तिपूर्ण विश्व व्यवस्था एवं सुरक्षित भविष्य’ का अधिकार मिलेगा। इससे पहले, इस ऐतिहासिक सम्मेलन के चैथे व अन्तिम दिन प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य, प्रो. बलराज चैहान, वाइस-चांसलर, धर्मशास्त्र नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, जबलपुर मध्य प्रदेश, प्रो. आलोक कुमार राय, वाइस चांसलर, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं प्रो. सुबीर के. भटनागर, वाइस चांसलर, डा. राम मनोहर लोहिया नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, लखनऊ ने अपने विचारों से विश्व एकता एवं विश्व सरकार का पुरजोर समर्थन किया। इसके अलावा, सम्मेलन के चैथे दिन आज वर्चुअल प्रजेन्टेशन के माध्यम से फिलीपीन्स के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री हिलेरियो डेविड जूनियर को ‘महात्मा गाँधी अवार्ड’ एवं इजिप्ट के सुप्रीम काॅन्स्टीट्यूशनल कोर्

नारी हूँ मैं

महिला काव्य मंच प्रयागराज ईकाई के तत्वावधान में अध्यक्ष रचना सक्सेना और महासचिव ऋतन्धरा मिश्रा के संयोजन में पुस्तक पर आधारित एक परिचर्चा के आयोजन का किया गया था। पुस्तक परिचर्चा के अंतर्गत अनेक कवयित्रियों पर हो चुकी परिचर्चा में कवयित्री डा. उपासना पाण्डेय के काव्य संग्रह ’नारी हूँ मैं’ पर केन्द्रित परिचर्चा की गयी जिसमें मंच की अनेक महिला साहित्यकारों के साथ-साथ अन्य अनेक गुणीजनों एवं साहित्यकारों ने  भी उनके काव्य संग्रह पर अपने समीक्षात्मक विचार प्रस्तुत किये। प्रयागराज की वरिष्ठ कवयित्री एवं लेखिका ’देवयानी’ पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करते हुऐ कहती हैं कि नारी के विविध रूपों का चित्रण है नारी हूँ मैं। काव्य संग्रह में न केवल नारी का विविध रूप है ,उसमें नारी का सौन्दर्य उसका हृदय,उसकी भावना, त्याग, पीड़ा, आजादी की तड़प और मजबूरी भी हैद्य नारी रूप और नारी संवेदनाओं का यह उत्तम संग्रह है। वरिष्ठ कवयित्री ’उमा सहाय’ लिखती है कि उपासना ने नारी को अबला न समझा और न ही कहीं दिखाया है अपितु नारी को सबला, सृजनात्मक और गुणों में पुरुष से श्रेष्ठ समझा है वरिष्ठ कवयित्री तथा लेखिका कहानीकार ’म