तांत्रिक उपाय

वैदिक ज्योतिष एवं प्राच्य विद्या शोध संस्थान अलीगंज, लखनऊ के तत्वाधान मे 129 वीं मासिक सेमिनार का आयोजन वाराह वाणी ज्योतिष पत्रिका कार्यालय में किया गया, सेमिनार का विषय ज्योतिष में मंत्रोपचार का महत्व  था। जिसमे डा. डी एस परिहार के अलावा श्री अनिल कुमार बाजपेई एडवोकेट, श्री उदयराज कनौजिया, डा. प्रदीप निगम, प.ं के. के. तिवारी, आचार्य राजेश श्रीवास्तव प.ं शिव शंकर त्रिवेदी, प.ं जे पी शर्मा, प. आनंद एस. त्रिवेदी प. जर्नादन प्रसाद त्रिपाठी, प्रो. के.के. त्रिपाठी, तथा पं. शिव सहाय मिश्रा आदि ज्योतिषियों एवं श्रोताओं ने भाग लिया गोष्ठी मे डी.एस. परिहार, श्री उदयराज कनौजिया पं. जे.पी. शर्मा, पं. जर्नादन प्रसाद त्रिपाठी तथा पं. आनंद त्रिवेदी ने अपने अनुभव और व्यक्तव्य प्रस्तुत किये। श्री उदयराज कनौजिया ने कहा कि ज्योतिष में मनुष्य की समस्याओं को अधिदैविक, अधिदैहिक और अध्यात्मिक श्रेणी मे बांटा गया है तथा उनके मंत्रोपचार भी भिन्न-भिन्न है। उन्होंने मंत्रों को वैदिक, तांत्रिक और साबरी भागों मे विभाजित बताया कलयुग मे किसी मंत्र का चार गुना जप करने से ही लाभ होता है। वैदिक मंत्रों के प्रांरम्भ ऊँ लगता हंै किसी मंत्र के मध्य मे तो किसी मंत्र के अंत मे नमः लगता है। स्वाहा शब्द किसी मंत्र का हवन करने पर ही लगाया जाता है। किसी मंत्र मे स्वाहा लगाने का अर्थ है। हम उस मंत्र के देवता को आहूति देकर विदा कर रहे है। कहीं-कहीं फट् लगाया जाता है जो शक्तियों को व्यवस्थित करने के लिये होता है पं. आनंद एस त्रिवेदी ने बताया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तृतीय पत्नी बुशरा बेगम ज्योतिष एवं तांत्रिक है इमरान खान चुनाव से तीन माह पूर्व उनसे मिलने गये थे कि क्या वो पी एम बनेगें बुशरा ने कहा मेरे कहानुसार यदि आप 43 दिन तक रात में दिया जलाकर मेरे बताये मंत्र का जाप करेंगंे तो अवश्य पी.एम. बनेंगें परन्तु मैं मंत्र तब ही बताऊंगी जब आप मुझसे या मेरी बेटी से निकाह करेंगंे इमरान खान ने बुशरा से निकाह भी किया और उसका बताया उपाय भी किया बुशरा की बात सच साबित हुयी इमरान पी.एम. बन गये त्रिवेदी जी ने बताया कि उन्हांेने बताया बनारस के चंदौसी शमशान के एक ब्राह्मण तांत्रिक ऐसा ही एक उपाय सीखा है जो आश्चर्यजनक रूप से लाभ देता हैं पं. जर्नादन त्रिपाठी ने बताया कि पं. जे.पी. शर्मा के पिता के सिद्ध गुरू भगवान दास जी से उन्होंने कुछ मंत्र सिद्ध कियंे जिनमे से माता काली का एक मंत्र पढ़-पढ़ कर जमीन पर चाक से लाइनें खींच कर तब तक काटते रहो जब तक जंभाई आना बंद ना हो जाये इससे बड़ी से बड़ी प्रेत बाधा शांत हो जाती है। पं. जे.पी. शर्मा ने बताया मैंने खुद विकास नगर लखनऊ में एक जजमान जिसे बनारस के किसी ज्योतिषी ने मृत्यु योग बताया था उनका शर्मा जी द्वारा अंय पंडितों सहित महामृत्युजंय जाप किया उन्होंने खुद जातक का जीप से एक्सीडेंट होते देखा पर मंत्र प्रभाव से वह ठीक हो गया था। डा. परिहार ने अपना अनुभव सुनाते हुये बताया कि उनके बंगाली गुरू पं. सुंब्रोतो मुखर्जी के पिता श्री के.बी. मुखर्जी के गुुरू ने बनारस के एक व्यापारी जजमान की कुण्डली देखकर उसे मृत्यु योग बताया जजमान बीमार पड़े तो गुरूजी ने कहा कि इनकी मृत्यु निश्चित है परिजनों द्वारा उपचार के लिये काफी अनुनय-विनय करने पर गुरूजी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन्हें अपनी आयु दान करे तो यह बच सकते हैं, पर कोई भी परिजन अपनी आयु दान करने हेतु राजी नही हुआ तब गुरू जी ने कहा मैं इन्हें पशु बलि द्वारा सात वर्ष की आयु दे सकता हूँ पर अगले जंम मे इनकी आयु से सात साल आयु विधि विधान के अनुसार काट लिये जायेगें और उस पशु को दे दी जायेगें परिजन इसके लिये राजी हो गये गुरूजी ने परिवार के एक पुत्र को गंगा पुल पर भेेजा देखों एक कुत्ता अभी पुल पर एक्सीडेंट से मरेगा और तुम्हारे पिता की स्वस्थ हो जायेंगंे जैसे ही गुरूजी ने पूर्णाहूति डाली एक कुत्ता कही से एक कार के नीचे आकर मर गया और जजमान पूर्णतः स्वस्थ हो गये, यह मंत्र की शक्ति का ज्वलंत उदाहरण है।


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