सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भाजपा के कार्यकर्ताओं ने नई इबारत लिख कर राजनीति के मायने बदल दिए

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने ‘सेवा ही संगठन ई-बुक’ के निर्माण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री सुनील देवधर एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री सुनील बंसल ने डिजिटल वर्कशॉप में प्रशिक्षण दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं के सेवाकार्यों को संकलित करने के लिए आयोजित प्रदेश कार्यशाला में कानपुर क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र व ब्रज क्षेत्र के क्षेत्र अध्यक्ष, क्षेत्र संगठन मंत्री, जिलाध्यक्ष तथा ई-बुक संकलन के लिए प्रत्येक जिले से तीन कार्यकर्ता डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुड़े।
राष्ट्रीय मंत्री तथा अभियान के उत्तर भारत प्रभारी सुनील देवधर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किये गए सेवा कार्य एवं मानवीय अनुभवौं को संकलित व संयोजित कर स्मृतियों को संजोते हुए आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा के लिए एक दस्तावेज तैयार करना चाहतें है। इसलिए आप सभी सेवा कार्यों से जुड़े फोटोग्राफ, वीडियो, समाचार पत्रों में प्रकाशित पार्टी के सेवा कार्य तथा आम जनमानस की सेवा कार्यों से जुड़ी प्रतिक्रियाओं का संकलन करके ई-बुक तैयार करने का कार्य करें।
उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक परिदृश्य का अवलोकन करते हैं तो राजनैतिक कार्यकर्ता राजनीतिक कार्यक्रमों जैसे रैलियों, गोष्ठियों, सभाओं, जुलूस, प्रदर्शन आदि कार्यक्रमों तक ही सीमित रहता है, लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं ने नई इबारत लिख कर राजनीति के मायने बदल दिए। प्रदेश में भोजन पैकेट, राशन किट, सैनिटाइजर, माॅस्क जरूरतमंदो तक पहुंचाने का काम किया। प्रवासी श्रमिकों के भोजन की चिंता के साथ उनको उनके घर तक पहंुचाने का पुनीत कार्य किया। इन सारे सेवा कार्यों का डिजिटल डाॅक्यूमेंन्टेशन ई-बुक के रूप में मण्डल, जिला, क्षेत्र व प्रदेश स्तर पर संकलित कर भविष्य का दस्तावेज तैयार करना है। जो देश की भावी राजनीति की दिशा तय करेगा। जिसमें जाति, भाषा, पंथ, क्षेत्र के भेद के बिना राजनीति के केन्द्र में अंत्योदय का भाव होगा और सेवा कार्य होंगे।


पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने वर्कशॉप में कहा कि कोरोना संकटकाल में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा को ही संगठन मानकर काम किया और राजनीतिक परिदृश्य बदलते हुए सेवा के माध्यम से जन-गण के मन से खुद को जोड़ा। भाजपा कार्यकर्ता का अर्थ अनुशासन, सेवा, समर्पण व राष्ट्रभक्ति है और यह भाव हमें पं दीनदयाल उपाध्याय जी जैसे महामनीषी से विरासत में मिला है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम सभी को पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सेवा कार्यों की मण्डल एवं जिलों की ई-बुक तैयार करना है। सेवा कार्यों के संकलन का यह कार्य अगस्त माह तक प्रदेश की ई-बुक तैयार करके पूर्ण होना है।
कार्यशाला में प्रमुख रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर, प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक, गोबिन्द नारायण शुक्ला, सलिल विश्नोई, पंकज सिंह, अशोक कटारिया, क्षेत्रीय अध्यक्ष मानेन्द्र सिंह, रजनीकान्त महेश्वरी, अश्वनी त्यागी, महेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय संगठन मंत्री भवानी सिंह कार्यशाला में डिजिटल माध्यम से जुड़े। कार्यशाला के संयोजक प्रदेश मंत्री अनूप गुप्ता ने संचालन किया जबकि हिमांचल प्रदेश आईटी संयोजक चेतन सिंह ने तकनीकी पक्ष साझा किया। इसके साथ ही प्रदेश आईटी टीम तथा मोर्चा सहप्रभारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव व ब्रज बहादुर जी भी कार्यशाला से जुड़े।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति