प्रतिभा किसी बैसाखी की मोहताज नहीं होती : शिवशंकर शर्मा

गांव की माटी से माँ वैष्णों के चरणों तक का सफर कला की देन

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कटरा के चीफ आर्टिस्ट शिवशंकर शर्मा ने रायबरेली में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद रायबरेली की माटी, जो साहित्य, कला संस्कृति का अनूठा संगम है। श्री शर्मा ने रायबरेली की धरती को प्रणाम करते हुए कहा कि आज जनपद रायबरेली की कला कौशलता की पताका सम्पूर्ण जम्मू कश्मीर में जो फहर रही है, उसका श्रेय जनपद रायबरेली को जात है। वीर-सपूतों एवं शहीदों की माटी को नमन करते हुए बताया कि मुंशीगंज शहीद स्मारक के सजाने-संवारने का अवसर मुझे दिया, जिसकी प्रेरणा से मुझे जनपद की कला संस्कृति का प्रचार-प्रसार सम्पूर्ण भारत में करने का अवसर मिला।  उन्होनें कहा कि वर्ष 1996 में भारतीय अध्यात्मिक-पारम्परिक एवं विलुप्त हो रही कला के विकास हेतु श्री माता वैष्णो देवी के पावन दरबार से कला यात्रा (भारत-भ्रमण) निकाली थी, जिसका समापन तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति के.आर. नारायणन द्वारा किया गया। इसी क्रम में उन्होनें बताया कि वर्ष 2011 में उन्हें श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने अधिकारिक तौर पर बुलाया और तभी से कटरा से लेकर माता के भवन तक जिसमें बाणगंगा, अर्द्धकुमारी भवन, भैरों जी घाटी सहित बोर्ड को सजाने और संवारने का कार्य अवसर श्राइन बोर्ड ने प्रदान किया।  वर्ष 2016 में तत्कालीन राज्यपाल जम्मू कश्मीर द्वारा उन्हें बोर्ड में आर्टिस्ट के पद पर नियुक्त कर रायबरेली का गौरव बढ़ाया। श्री शर्मा ने बताया कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से हुई विस्तृत मुलाकात एवं भारतीय लोक कलाओं के विकास की चर्चा का जिक्र करते हुए बताया कि वह सम्पूर्ण भारत वर्ष के विभिन्न प्रदेशों की कला सांस्कृतिक लोक कलाओं और गाँव गेराँव की ठेठ देहाती कलाओं की तथा महामहिम द्वारा इनके कला के क्षेत्र की सेवाओं की प्रशंसा की।

श्री शर्मा अपने सात दिवसीय श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव एवं सिद्धि कला वीथिका राष्ट्रीय कला केन्द्र के वार्षिकोत्सव में अपने गृह जनपद आये थे।


 

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