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डीएम-एसपी ने बालगृह केन्द्र का किया औचक निरीक्षण बालक, बालिकाओं से संवेदनशील व मानवीय व्यवहार में न आये कोई कमी


जिलाधिकारी रायबरेली नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने मील ऐरिया थाने के क्षेत्र के बालगृह केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बालक/बालिका के गृह को देखने पर बालक/बालिका भोजन ग्रहण कर रहे थे। जिलाधिकारी ने भोजन की व्यवस्था एवं गुणवत्ता आदि को परखा दाल की बालटी को चम्मच से ऊपर नीचे करके उसकी गुणवत्ता को परखा तो ठीक मिली। मौजूद बच्चों से भोजन, पढ़ाई-लिखाई एवं स्वास्थ्य के बारें में भी जानकारी प्राप्त की। एनजीओं द्वारा संचालित बालगृह की अधीक्षका पुनम सिंह व प्रभात शर्मा से बालगृह की व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा निर्देश दिये कि बच्चों की कुछ किताबे फटी हुई है उन्हें दुरूस्त करें। बच्चों के बिस्तर, कपड़ें आदि को साफ-सुथरा रखा जाये। कम्प्यूटर आदि की शिक्षा ग्रहण कराये। जिलाधिकारी ने वहां मौजूद बालक/बालिकाओं से उनके बारे में एवं वहां की व्यवस्था के बारें में जानकारी लेने पर वहां मौजूद दो बालिकाओं ने कहा कि अधीक्षिका बहुत ज्यादा डाटती है। इसपर अधीक्षका द्वारा अवगत कराया कि इन बच्चियों के 18 साल पूर्ण हो चुके है जो कि लखनऊ मे स्थानान्तरण किया जाना है जिसकी कार्यवाही की जा रही है। इस लिए बालिकाए परेशान है। इस पर जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने महिला अधीक्षका को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वे अपना व्यवहार संवेदनशील व मानवीय बनाये तथा बालक/बालिका को प्रेम व स्नेह से रखा जाये। मंदबुद्धि के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाये। इसके अलावा जो बच्चे अपने घर जाना चाहते है तो उसकी बेहतर तरीके से काउसलिंग करके उनके घर भी पहुचाया जाये।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये कि बालगृह की बेहतर व्यवस्था हो इसके लिए एक एसडीएम/तहसीलदार जांच करेगा तथा अपनी रिपोर्ट देगा। बालिकाओं के लिए महिला चिकित्सक महीने में आकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जांच भी करते रहे। इसके निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिये जा रहे है।
इस मौके पर सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार तथा बालगृह का समुचित स्टाफ उपस्थित था।


 


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