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सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 191 जोडों परिणय सूत्र में बन्धें, मुस्लिम जोडों का निकाह उनके रीति रिवाजों से से हुआ सम्पन्न

प्रदेश के स्टाम्प न्यायालय शुल्क पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री तथा प्रभारी मंत्री जनपद नन्द गोपाल गुप्ता ''नन्दी'' ने आई.टी.आई. कैम्पस, सुरक्षा बैरक, रायबरेली मंे विभिन्न क्षेत्रों से विवाह हेतु पंजीकृत 191 जोड़ों का विवाह जनपद के विधायक राम नेरश रावत नेहा शर्मा, जिलाधिकारी रायबरेली, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार जनपद के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सम्भ्रान्त व्यक्तियों की उपस्थिति में विवाह के पवित्र बन्धन में गायत्री परिवार, मौलवी द्वारा विधि-विधान से विवाह और निकाह सम्मान कराया गया। जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 191 जोडों का सामूहिक विवाह आयोजित कराकर वर-वधु को आशीर्वाद देते हुए हार्दिक बधाई दी व उनके मंगलमय भविष्य की कामना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस प्रकार के आयोजन को प्रत्येक जनपद में कराकर जहां गरीबों परिवारों के विवाह सम्पन्न करा समाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही है वहीं ऐसे इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन से जहां एक साथ सैकड़ों शादियां एक ही मण्डप व एक ही स्थान पर हो रही है इससे फिजूल खर्चे पर भी रोक लगने के साथ ही सामाजिक बुराईयां भी दूर हो रही है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजनान्तर्गत शासन द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत कन्या के खातें में धनराशि 35000 एवं उपहार सामग्री की धनराशि 10000 तथा कार्यक्रम आयोजन की धनराशि 6000 इस प्रकार प्रत्येक जोड़ों पर 51000 रू0 खर्च किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 249 एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में 399 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया है। वर्ष 2019-20 में 191 जोड़ों का विवाह जिसमें 10 मुस्लिम जोड़ें भी शामिल है। प्रभारी मंत्री ने अपने स्तर से प्रत्येक जोड़ों को 501 रू0 भेट किये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का गरीब परिवारों की शादी योग्य कन्याओं के विवाह में सहायता उपलब्ध कराने हेतु एक नवीन एवं अभिनव प्रयास है जिसके सुखद परिणाम है। मुख्यमंत्री जी के इस दिशा में उठाये गये कदम का उद्देश्य शादी में अनावश्यक व्यय को नियंत्रित करना है और सामूहिक विवाह को बढ़ावा देना है ताकि कम खर्चे में एक ही स्थान पर विवाह की रसमे पूरी हो जाये। उन्होने कहा कि इस तरह के सामूहिक विवाह लोक प्रिय होंगे और ऐसे आयोजनों को बढ़ावा मिलेगा। जिन बच्चों के माता-पिता, अभिभावक किसी कारणवस इस दुनिया में नही है इस तरह की शादी से उनको एक सहारा सरकार द्वारा दिया गया है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा व अन्य अधिकारियों द्वारा प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने मंचाशीन अतिथियों को पगड़ी पहनाकर उनको भी बराती व जनाती तथा संरक्षक के रूप में सम्मान दिया गया।


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