सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बालिकाएं सशक्त व निडर भी बने

बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत पूरे जनपद में बालिका सुरक्षा जागरूकता की विभिन्न स्कूलों एवं कालेजों में आदि में पूरे माह धूम रही। 01 जुलाई से 31 जुलाई तक चलने वाले जागरूकता कार्यक्रम का समापन शहर के सरस्वती बालिका इण्टर कालेज के अतिरिक्त कई विद्यालयों एवं स्थानों पर में किया गया। सरस्वती बालिका इण्टर कालेज, रायबरेली में आयोजित महिला थाना प्रभारी संतोष सिंह, महिला शक्ति केन्द्र की शेफाली सिंह, जिला समन्वयक पूजा शुक्ला, सुषमा कश्यप, अंजना सिंह, शिक्षक एस.एस. पाण्डेय आदि ने बालिकाओं को जागरूक किया। बालिका सुरक्षा जागरूकता हेतु प्रदेश सरकार द्वारा अनेक कानून योजनाए सुविधाए प्रदान की गई आदि की जानकारी जहां दी गई वही महिलाए व बालिकाए को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को भली-भांति जानकारी होनी चाहिए ताकि उनको योजनाओं से लाभान्वित के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न कराना पड़े। महिला हेल्पलाइन 181, वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090, 1098 डायल 100, वन स्टाप सेन्टर, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, 112 एमेरजन्सी, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 आदि योजना/कार्यक्रम महिलाए/बालिकाओं के लिए लाभप्रद आदि को भी विस्तार से बताया गया। बलिकाओं को बताया कि डरे नही सहे नही का संदेश दिया गया साथ ही बालिकाएं सशक्त व निडर भी बने। 
 पूरे माह बालिका जागरूकता सुरक्षा अभियान के तहत जिलाधिकारी नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार द्वारा जनपद के विभिन्न स्कूलों में बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान सम्पन्न कराये गये कई विद्यालयों एवं कालेजों आदि में जाकर उपरोक्त जानकारी देकर महिलाए/बालिकाओं को जागरूक करने की दी। प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गत 01 जुलाई से 31 जुलाई तक मनाये जाने वाले बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान को सफल बनाने के निर्देश सभी अधिकारियों जिसमें जिला स्तरीय समिति, पुलिस के सभी अधिकारियों थानेवार गठित टीमें, स्कूलों के प्रधानाचार्य, प्रबन्धकों आदि को दिये गये थे। डीएम-एसपी ने कहा कि महिलाए व बालिकाए अपने अधिकारों को समझे और जागरूकता जरूरी है। महिलाए व बालिकाओं की सुरक्षा तभी सम्भव है जब महिलाए व बालिकाएं जागरूक हो तथा उनकों नियम कानून की जानकारी हो। जिस प्रकार जल है तो जीवन है उसी प्रकार बेटियां न तो कल नही है। बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान कार्यक्रम मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। जिसकी समीक्षा जिला स्तर के साथ ही मुख्यालय स्तर पर भी की गई। अभियान के कार्यक्रम की समय सारणी कार्यक्रम आदि स्कूल महाविद्यालयवार, थानावार तय कर दिया गया था। जागरूकता कार्यक्रम प्रातः 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक जनपद के समस्त विद्यालयों में निर्धारित तिथियोंवार आयोजित किया गया। जिसमें थाना प्रभारी नोडल व स्कूल के प्रबन्धक प्रधानाचार्य, अध्यापकगण आदि भाग लेकर बालिकाओं को बालिका सुरक्षा के लिए जागरूक करने का कार्य किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को जागरूक, सशक्त करना व उनकी सुरक्षा में इजाफा कराना रहा। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रदेश के स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन व प्रभारी मंत्री जनपद नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' जिलाधिकारी नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार आदि अधिकारियों द्वारा जनपद में गत 1 जुलाई से फिरोजगांधी अडिटोरियम से बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान का कार्यक्रम शुभारम्भ किया गया था तब से निरन्तर कार्यक्रम करके बालिकाओं में जागरूकता उत्पन्न हो रही है। जागरूकता से महिलाए व बालिकाए अपने-अपने ग्राम व मौहल्लों में जागरूकता के बारे में लोगों से बाते करे जागरूक भी कर रही है। जिससे वर्तमान सरकार में महिलाए व बालिकाए अपने को ज्यादा सहज और सुरक्षित महसूस करने लगी है। जनपद के सभी तहसीलों, विकास खण्डों के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों में प्रतिदिन बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है जिससे बड़ी संख्या में बालिकाए लाभान्वित हो रही है। 
 इसी कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने रतापुर के आगे सरस्वती बालिका इण्टर कालेज के प्रांगण, बचत भवन, आईटीआई, फिरोजगांधी आडिटोरियम आदि सहित  विभिन्न कालेजों में आयोजित बालिका सुरक्षा अभियान के तहत कार्यक्रमों में उपस्थित सभी महिलाए व बालिकाओं को सम्बोधित किया गया था जिसमें कहा गया कि शिक्षित होने के साथ ही सशक्त बने। पुलिसकर्मी महिलाओं, अभिभावकों को क्या करना है और क्या नही करना है इसकी विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। अभियान दूरदराज के क्षेत्रों में किया गया तथा जागरूकता के माध्यम से महिलाओं व लड़ियों की सुरक्षा को अधिक मजबूत व सुरक्षित आदि पर जोर दिया गया। अराजक असामाजिक तत्वों शोहदों आदि पर कड़ी नजर रखी जाये कही उनका जमाव बाढ़ा जहां पर महिलाए, बालिकाए, स्कूल, कालेज, कोचिंग सेन्टर, माॅल, पार्क आदि पर कड़ी नजर रखकर शोहदों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जाये तथा प्रथम चरण में उनके सुधारे का मौका दिया जाये। छात्राए व महिलाए किस तरह से बचाव करें इसकी भी जानकारी दी गई। 


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति