सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

रायबरेली कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। उन्होंने आरटीओं, एनएचआई एवं पीडब्लूडी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़को पर बने अवैध कटों को हर हाल में बंद कराये। बैठक में त्रिपुला चैराहा पर लगे स्पीड रडार को संचालित करने के लिए जिस पर डीएम ने कहा कि जल्द से जल्द कैमरे ठीक कराकर प्रभावी तरीके से कार्यवाही करें। किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत हो तो टीओं आदि से वार्ता कर समस्या का निस्तारण करायें। यातायात नियमों का कडाई से पालन कराया जाये। स्कूलों में छात्र-छात्राओं, तथा वाहन चालको को समय समय पर यातायात नियमों के प्रशिक्षण कराते रहे साथ ही वाहन चालको का मेडिकल कैम्प लगाकर उनकी दृष्टिवीजन, शुगर, बीपी आदि का चेकअप कराते रहें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक दुर्घटना को रोकने के लिए डिवाइडरों को अवैध रूप से काटे गये कहीं कट हो तो उसको तत्काल बंद करे साथ ही यदि किसी को उस कट से यदि होटल या पेट्रोल पंप या दुकान को फायदा हो रहा हो तो उसकी जांच कर उसे नोटिस दे नियमानुसार कार्यवाही करें। राजमार्गो के किनारे अनाधिकृत रूप से वाहनों को खड़ा किये जाने को रोकने के लिए अभियान चलाकर कार्यवाही करें। जनपद के विभिन्न विद्यालयों में चल रही वाहनों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों को लागू कराये जाने की कार्यवाही संबंधी परिवहन विभाग के दिशा निर्देशों को तत्काल बीएसए तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी को एआरटीओ उपलब्ध कराये। मार्ग दुर्घटना से प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल एम्बुलेंस सेवा एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही टैªक्टर ट्राली में रिफ्लेक्टर/रेडियम टेप लगाये जाने की कार्यवाही में तेजी लाये, तेज रफ्तार/खतरनाक ढ़ंग से वाहन चलाने वाले चालकों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। इसके अलावा रोड पर जो वाहन खडा करे उन वाहनों का चालान करें। बोर्ड डिवाइडर चिन्ह व यातायात संकेतक, स्पीड कम, आगे मोड है, स्तर तरह के यातायात संकेत आदि तत्काल लगाये। 
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जो भी टैªक्टर ट्राली हो उसके चैतरफा ग्लोशाईन रिफ्लेक्टर लगवायें। टोल प्लाजा के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इमरजेन्सी लेन को एम्बुलेंस, बीआईपी ड्यूटी आदि लिखवाकर कार्यवाही करें ताकि जिसका प्रयोग इमरजेन्सी के दौरान जैसे यदि कहीं कोई घटना हो जाती है और प्रशासनिक अधिकारियों को टोल में जाम में फंसना पड़ जाए तो उन्हें इमरजेन्सी लेन से निकाला जा सके। इमरजेन्सी लेन बनाने से राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कई बार यह देखा गया है कि टोल पर जाम में फंसने की वजह से अग्निशमन वाहन, पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों आदि को देर हो जाती है जिससे घटना स्थल पर पहंुचने में बड़ा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जितने भी ब्लैक स्पाॅट हैं उन्हें जल्द से जल्द बन्द करवाने की कार्यवाही करें। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शशी शेखर सिंह ने मुख्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर एआरटीओं राघवेन्द्र सिंह, संदीप कुमार जायसवाल, अपर सीएमओं डा0 चक, डीआईओएस, एडी सूचना प्रमोद कुमार, आईओएस, लोक निर्माण पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में रामू दादा सहित कई समाजसेवियों ने अपने विचार/सलाह से भी अवगत कराया। 


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