समाज के विकास में पत्रकारों व पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण रही है

देश व समाज के विकास में पत्रकारों व पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इलेक्ट्रानिक्स मीडिया तो अभी जल्दी आया है इस पूर्व प्रिन्ट मीडिया ने अपने सशक्त समाचारों विचारों से लोगों को जागरूक कर आगे बढ़ाने का कार्य कर देश व समाज के विकास में योगदान दिया है जो आज भी कर रहे है। समाचार पत्र, पत्रिका का क्लेवर, फोटो सेटिंग, समाचार का रचनात्मक, सकारात्मक, विश्वनियता, पारदर्शिता, विस्तृत अन्दाज, फोटो, गुणवत्ता, निष्पक्षता, सत्यता, नियमितता आदि, सबका साथ सबका विकास वाली पठनीय साम्रगी को पाठक पसंद करते है। समाचार पत्रों प्रिन्ट मीडिया का भविष्य भूत, वर्तमान उज्जवल रहा है आगे भी उज्जवल रहेगा। पत्रकारिता का महत्व इसलिए अधिक है कि पत्रकार या उनके संवादसूत्र दूर दराज क्षेत्रों में समाज के अंतिम व्यक्ति से पैठ बनाकर उसका दुख दर्द, परेशानी आदि को जानकर समाचार पत्र में स्थान देकर शासन प्रशासन के सम्मुख लाकर समस्या का निवारण दुख दर्द दूर करने में अहम रोल निभाते है। कई बार बहुत सी जानकारी मीडिया प्रतिनिधियोें से ही आसानी से मिल जाती है जोकि कानून व शांति व्यवस्था को सुदृढ रखने में बहुत ही कारगर होती है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्र्पधा के क्षेत्र में तीन बाते विन्रमता, कर्मण्यता, निष्पक्षता को तीन मंत्र ध्यान में रखकर मेहनत, लगन से कार्यो को कर आगे बढ़े। 
 यह विचार राजघाट स्थित दरिबा चैराहा स्थित एक समाचार पत्र के कार्यालय का उद्घाटन संविधान शिल्पी बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर व महामानव गौतमबुद्ध के चित्र के सम्मुख मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर किया गया। विचार गोष्ठी अवसर पर सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार ने व्यक्त करते हुए कहा कि समाचार पत्र का क्लेवर संयोजन, फोन्ड तथा ईयररिंग समाचार व फोटो, तस्वीर की छपाई जो स्वयं में खबर कहती है सभी को आंखों में बसा लेती है। यह मायने नही रखता कि समाचार पेज 10 या अधिक पेज का हो। कई जनपदों से आने वाले अखबार आदि जिसका क्लेवर समाचार का विस्तृत अन्दाज, फोटो, गुणवत्ता, निष्पक्षता, पाठक पसन्द करते है जिसका लोग इंतजार करते है। इसी प्रकार दैनिक आज, हिन्दुस्तान, अमर उजाला, दैनिक जागरण, लोक भारती, पायनियर, निष्पक्ष जनएकता, जदीद आवाज, उर्दू दैनिक सत्ता, सत्ता एक्सप्रेस, नवभारत टाइम्स, टाइम्स आॅफ इण्डिया, हिन्दुस्तान टाइम्स, स्वतन्त्र चेतना, दैनिक शाश्वत टाइम्स, स्वतंत्र भारत, नगर छाया, अवध नामा, जनमोर्चा, जनसंदेश टाइम्स, दैनिक राजपथ, तरूण मित्र, देश की आन, ऊँची खोज, दै0 पब्लिक पावॅर, परिवर्तन टाइम्स, पंजाब केशरी, दैनिक भास्कर, राष्ट्रीय सहारा, राष्ट्रीय स्वरूप, वर्कर्स हेरल्ड, दैनिक देवव्रत, स्पष्ट आवाज, स्पूतनिक, जदीद मरकज, वहीद भारत टाइम्स, नगराज दर्पण, सरिता, बूमेनइरा, टाइम्स, इंडिया टुडे, प्रतियोगिता दर्पण, कम्पटीशन सक्सेस रिब्यू, ब्राइटकैरियर, कम्पटीशन रिफ्रेसर, कम्पटीशन साइंस रिफ्रेसर, रोजगार समाचार, इम्पलाइमेंट, उत्तर प्रदेश संदेश, तरूणमित्र, उत्तर प्रदेश आदि समाचार पत्रों/पत्रिकाओं के पाठक अपने पसन्द के अखबारों/पत्रिकाओं, मैंगजीन का बेसब्री से इंतजार करते देखे जाते है। जिसका क्लेवर समाचार, सामान्य ज्ञान, इवेन्ट, करंट टापिक्स आदि का विस्तृत अन्दाज, साक्षात्कार, फोटो, गुणवत्ता, निष्पक्षता, पाठक पसन्द करते है। समाचार पत्रों में पाठक की चिट्ठी, आपके विचार, पाठकनामा आदि नामक कालम में आम आदमी अपनी बात को बाखूबी से रखता है। प्रतिस्पर्धा माहौल में गुणवत्ता, निष्पक्षता, सत्यता, सकारात्मकता, रचनात्मकता होगी तो लोग सराहना करते है समाचार पत्र का छापना संचालन करना जितना मुश्किल है उतना आसान भी नही है। पत्रकारिता एक मिशन है मिशन की भांति कार्य करेंगे तो निश्चय ही सफलता मिलेगी। उन्नाव से आये सम्पादक सूरज कुमार, अनिल कुमार मेहता, मिथ्.ालेश कुमार ने विचार गोष्ठी में समाचार पत्रों के इतिहास के बारे में विस्तार से चर्चा की। 
सम्पादक सूरज कुमार व अशोक कुमार सिंह एवं अनिल कुमार मेहता ने कहा कि मीडिया समाज की समस्याओं को उजागर करने में आगे जहां आते वही विकास व रचनात्मक कार्यो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, कार्यकर्मो, उपलब्धियों का बखान कर उसका आमजनों को लाभान्वित करने में भी सहयोग करते है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक बडी शक्ति व ताकत है देश के महान नेता गांधी जी, बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, जवाहर लाल नेहरू, अटल बिहारी बाजपेई आदि पत्रकारिता से जुडे थे जिसके माध्यम से समाज को जागरूक कर अंग्रेजों के खिलाफ जनमत तैयार करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। परिणामस्वरूप देश को आजादी शीघ्रता शीघ्र मिल है। अब जिम्मेदारी है कि इसके निर्माण और विकास, उन्नति में अग्रणी भूमिका निभाई जाये साथ ही समाज में व्यापत अन्धविश्वास, पाखण्ड, कुरीतियों, असमानता आदि के विरूद्ध जागरूकता पैदा कर इसको जड से समाप्त किया जाये तथा रचनात्मक, सकारात्मक कार्यो से देश व समाज के विकास के साथ ही राष्ट्रीय एकता और अखण्डता को अधिक मजबूत प्रदान करने में सहयोग दें। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वन संरक्षण आदि के लिए भी जागरूकता कर संरक्षण किया जाये। 
 इस मौके पर शहर के गणमान्यजन, मीडियाबन्धु सहित सत्यप्रकाश, अनिल सोनकर, अशोक कुमार सिंह, सतेश गौतम, नंदनी गौतम, विनीता चैरसिया, अनिल कुमार, राजकुमार, विरेन्द्र भारती, देवेन्द्रभारती, आलोक, कुलदीप, राजेन्द्र कुमार, अशद आदि जन सहित उपस्थित थे।