6 जनवरी: कैफी आजमी जन्म शताब्दी समारोह

इम्तियाज अहमद गाजी द्वारा संपादित और कैफी आजमी को समर्पित पुस्तक 'एहसास-ए-गजल' का विमोचन। इन 12 लोगों को कैफी आजमी सम्मानरू नजर कानपुरी (लखनऊ), हसनैन मस्तफाबादी (इलाहाबाद), खुर्शीद भारती (मिर्जापुर), रमोला रूथ लाल (इलाहाबाद), डाॅ. इम्तियाज समर (कुशीनगर), डाॅ. कमर आब्दी (इलाहाबाद), डा नीलिमा मिश्रा (इलाहाबाद), इश्क सुल्तानपुरी(अमेठी), डाॅ. सादिक
देवबंदी (देवबंद), सुमन ढींगरा दुग्गल (इलाहाबाद), प्रिया श्रीवास्तव'दिव्य'(जालौन) और मन्नत मिश्रा (लखनऊ)।
17 फरवरी- गुफ्तगू द्वारा दोहा दिवस समारोह का आयोजन, इस दौरान फिल्म पटकथा लेखक संजय मासूम द्वारा 'गुफ्तगू' के दोहा विशेषांक का विमोचन और कवियों द्वारा दोहा पाठ। 9 मार्च- ऋतंधरा मिश्रा की पुस्तक 'आखिर मैं हूं कौन', रचना सक्सेना की पुस्तक 'किसकी रचना' और कुमारी निधि चैधरी की पुस्तक 'प्रेम विरह में आलोकित' का विमोचन। 9 जून - 'गुफ्तगू साहित्य समारोह-2019' का आयोजन, गुफ्तगू के महिला गजल विशेषांक का विमोचन और विभिन्न सम्मान सुभद्रा कुमारी चैहान सम्मान- इफ्फत जहरा रिजवी (सऊदी अरब), पूजा बहार (नेपाल), सुमय्या राणा गजल (लखनऊ), नमिता राकेश (फरीदाबाद), अंजु सिंह गेसू (मेरठ), वीना श्रीवास्तव (रांची), नजमा नाहिद अंसारी (रांची), उर्वशी अग्रवाल उर्वी (नई दिल्ली), स्वधा रवींद्र उत्कर्षिता (लखनऊ), सुमन ढींगरा दुग्गल(प्रयागराज) और शिबली सना (प्रयागराज)
बेकल उत्साही सम्मान- नय्यर आकिल (प्रयागराज, मरणोपरांत) अरुण आदित्य (अलीगढ़), कैप्टन जैनुल आबेदीन खांन (पुणे), फरहत अली खान (अलीगढ़), उबैदुर्रहमान सिद्दीकी (गाजीपुर) रचना सक्सेना (प्रयागराज), अख्तर अजीज (प्रयागराज) और डाॅ. राम लखन चैरसिया (प्रयागराज) सीमा अपराजिता सम्मान- शकीला सहर (पुणे), पारो चैधरी (गाजियाबाद), कुमारी निधि चैधरी (किशनगंज, बिहार), मधुबाला (प्रयागराज) और अदिति मिश्रा (प्रयागराज)। 16 जून- साहित्यकार नंदल हितैषी के निधन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन। 29 सितंबर- गुफ्तगू के 'प्रयागराज महिला विशेषांक' का विमोचन और 'शान-ए-इलाहाबाद' सम्मान समारोह, इन्हें मिला 'शान-ए-इलाहाबाद सम्मान'- कमरुल हसन सिद्दीकी, यश मालवीय, डाॅ. राम मिलन, डाॅ. रंजना त्रिपाठी, सरदार किशन सिंह, अनिल कुमार गुप्ता और राजू जायसवाल उर्फ मरकरी। 4 नवंबर- पंकज सिंह राहिब के दोहा संग्रह 'कौन किसे समझाय' का विमोचन। 30 अक्तूबर- डा. राम लखन चैरसिया की पुस्तक 'मेरा माला' पर परिचर्चा और काव्य पाठ। 1 दिसंबर- गुफ्तगू के नातिया शायरी विशेषांक का विमोचन और काव्य पाठ।