अंबा प्रसाद सबसे युवा विधायक बनीं

अंततः झारखंड में भारतीय जनता पार्टी को पराजय का समाना करना पड़ा। इस पराजय से जहां कांग्रेस का संजीवनी मिली तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को चिंतन करने के लिए विवस कर दिया। इस चुनाव में सबसे महात्वपूर्ण रहा कि झारखंड की बड़कागांव सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाली 27 साल की अंबा प्रसाद इस बार के चुनाव में सबसे युवा प्रत्याशी भी थीं और जाहिर तौर पर चुनाव जीतने के बाद वह सबसे युवा विधायक भी बन गई हैं। बड़कागांव अंबा प्रसाद के परिवार की परंपरागत सीट रही है, जहां पिछली बार उनकी मां चुनी गई थीं और उससे पहले उनके पिता ने यहां का प्रतिनिधित्व किया था। इसबार के चुनाव में अंबा ने आजसू पार्टी के रौशन लाल चैधरी को 31 हजार से भी ज्यादा वोटों से हराया है।
बड़कागांव सीट पर 2014 के चुनाव में अंबा प्रसाद की मां निर्मला देवी ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। जबकि, 2009 में यहीं से उनके पिता योगेंद्र साव विजयी रहे थे और तब राज्य सरकार में कृषि मंत्री बनाए गए थे। इस सीट पर पहले पिता, फिर मां और अब खुद की जीत से साफ है कि यहां अंबा प्रसाद के परिवार का दबदबा रहा है। इस बार के चुनाव में अंबा के लिए एक बात खास रही कि विरोधी पार्टियां उनकी पार्टी और उनके माता-पिता को तो निशाना बना रही थीं, लेकिन खुद इनके खिलाफ बोलने के लिए उनके पास कुछ खास नहीं था।