भ्रमण व असामाजिक तत्वों पर कड़ी नज़र

कड़ाके की ठण्ड आदि को भी देखते हुए जनपद में प्रशासन व पुलिस मुस्तैदी आदि के साथ ही जनपद के बुद्धिजीवी वर्ग सभी धर्मो के धर्म गुरूओं व आमजनमानस के कारण की वजह से जनपद में चैतफा  अमनचैन से गुजर रहे है दिन जिसकी देश व प्रदेश में प्रशांसा की जा रही है। जनपदवासी आगामी दिनों में भी इसी प्रकार का अमनचैन, भाईचारा कायम रखेंगे। जिलाधिकारी रायबरेली शुभ्रा सक्सेना व पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई द्वारा निरन्तर भ्रमण व आमजनमानस से मिलजुलकर समप्रादियक सौहार्द, भाईचारा बनाये रखने के साथ ही पूरे प्रशासन को सर्तक रखने के साथ ही चाकचैबंद व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिये गये है। इसके अलावा उन्होंने जनपदवासियों को सीएए नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के बारे में जानकारी देने के साथ ही शान्ति अमनचैन की व्यवस्था बनाये रखने में जनपदवासियों, बुद्धिजीवी वर्ग के साथ ही सभी धर्मो के धर्मगुरूओं का योगदान रहा है परिणाम स्वरूप जनपद में गंगा जमुनी तहजीब भी कायम है आगे भी कायम रखे। आभार प्रकट करते हुए कहा कि जन सामान्य से शहर के बुद्धजीवियों जनपदवासियों से शान्ति व सौहार्दपूर्ण अफवाह पर ध्यान न देने के साथ ही पूर्व के भांति भाईचारे संप्रादायिक सौहार्द्र को बनाये रखे की अपील भी निरन्तर करते रहे। कुछ अराजक तत्वों द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है व तरह-तरह की अफवाह फैलायी जा रही थी जिससे जनपद के बुद्धिजीवी वर्गो द्वारा नकार कर जनमानस के साथ भाईचारे के व्यवहार को बनाये रखे। जनपद में कानून एवं शान्ति व्
यवस्था बनाये रखने के लिए असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ ही चाक-चैबंद व्यवस्था बरकरार रहेगी।
 डीएम-एसपी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 कानून सिर्फ नागरिकता देने के लिए है किसी की नागरिकता छीनने का अधिकार इस कानून में नही है। भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों का नागरिकता संशोधन अधिनियम से कोई अहित नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू, मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा। इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जायेगी जो 31 दिसम्बर 2014 से पूर्व ही भारत में रह रहे हों तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित किए गए हों। अभी तक भारतीय नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था। यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्होंने वर्षो से बाहर उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह नहीं है। समाजसेवियों अख्तर अन्सारी, रामू दादा, सोहेल, अब्दुलवाही, गुड्डू, सरदार अवतार सिंह छाबड़ा, अतुल गुप्ता, महेन्द्र अग्रवाल, फादर लुईस आदि दर्जोनों समाज सेवियों ने प्रशासन व जनपद के जनमानस का अभार प्रकट किया है कि जनपद में शान्ति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह से चाक चैबन्द रही अफवाहों पर जामनस पर असर जन शून्य रहा परिणाम स्वरूप जनपद में गंगा जमुनी तहजीब, अमनचैन व भाईचारा पूरी तरह से देखने को मिला है जुम्मे की नमाज सहित सभी नमाजे व अन्य धार्मो के धार्मिक कार्य शान्ति पूर्वक तरीके से सम्पन्न हो रहे है। जनमानस को सीएए अधिनियम से किसी भी प्रकार का किसी का भी कोई नुकसान नही है यह भी बताया जा रहा है। 
 सूचना विभाग के पम्पपलेट नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को जन-जन में पहुचाया जा रहा है। जनपद में आपसी भाईचारा, सम्प्रदायिक सौहार्द की नजीर पेंश की जा रही है। अमनचैन कायम रहा है। भारत का संविधान विशाल एवं मजबूत है। देश प्रशासन पर सभी का विश्वास है और रहेगा।