इन्सपायर अवार्ड

जिलाधिकारी रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने जिला अस्पताल के निकट राजकीय इण्टर कालेज में इन्सपायर अवार्ड मानक योजनान्तर्गत आयोजित एक दिवसीय जनपद स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्टर प्रतियोगिता का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर व फीता काटकर किया गया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीकी के माध्यम से हम देश को बुलंदियों के रास्ते पर आगे ले जा कर देश और विदेशों में एक नही पहचान बना सकते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि अंधविश्वास, पाखडों, रूड़ियों से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच मन में लाकर मन लगाकर अध्ययन करें तथा विज्ञान के माध्यम से अपना सर्वगीण विकास की आरे आगे बढे़। इन्सपायर अवार्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग द्वारा इन्सपायर अवार्ड-मानक योजना का शुभारम्भ शैक्षिक सत्र 2009-10 से राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान किया जा रहा है। देश के महान वैज्ञानिक व पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा वैज्ञानिक गतिविधियों जिसमें इन्सपायर अवार्ड मानक योजना आदि भी है को उन्नतशील व आगे बढ़ाने में महान योगदान रहा है। विभिन्न कक्षाओं में अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं के नय वैज्ञानिक विचारों को उनके द्वारा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान आॅनलाइन पंजीकृत किया जाता है। जिसमें से राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान द्वारा स्क्रीनिंग कर छात्र-छात्राओं द्वारा प्रेषित विचारों को चयन कर सीधे छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में रूपये 10 हजार की धनराशि प्रति छात्र-छात्रा की दर से माॅडल तैयार करने हेतु खातों में भेजी जाती है। 
 जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि छात्र-छात्राओं द्वारा जो वैज्ञानिक माडल तैयार किया गये है उनमें पूर्णतः वैज्ञानिक भाव झलकता है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न जनपदों के 82 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग जिसमें जनपद रायबरेली 49, अमेठी 15, इलाहाबाद 13, प्रतापगढ़ 03, सुल्तानपुर के 02 छात्र-छात्राओं द्वारा जनपद स्तरीय प्रदर्शनी व प्रोजेक्टर प्रतियोगिता में भाग लिया गया है। चयनित माडल को राज्य स्तर की प्रदर्शनी हेतु भेजा जायेगा। बच्चों द्वारा मल्टी स्टोरी पर कार पार्किंग, प्रदुषण के निजात के माडल, प्लास्टिक का उपयोग तथा गौवंश के संरक्षण आधुनिक तकनीकी माडल, फायर ब्रिगेड का आधुनिक माडल आदि का भी अच्छा प्रदर्शन किया गया। जूरी द्वारा माडल का अवलोकन भी किया गया। 
 इस मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक चन्द्रशेखर मालवीय, वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक जी.एस. मिश्रा, वैज्ञानिक डा. सूरज यादव आदि के साथ ही कई वाल माॅडल अनवेशक द्वारा अपने-अपने वैज्ञानिक विचारों को साझा किया गया।