सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के भाव के साथ सरकार कार्य कर रही है

रायबरेली। राष्ट्रवाद के प्रणेता, सुशासन के संवाहक भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 96वीं जयन्ती पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि गणमान्यजनों ने राजधानी के लोकभवन प्रांगण में शत्-शत् नमन के साथ ही श्रद्धासुमन अर्पित किये। प्रधानमंत्री ने लोक भवन प्रांगण में 25 फीट ऊँची अटल बिहारी वाजपेयी जी की कांस्य प्रतिमा का अनावरण एवं अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश चक गंजरिया सुल्तानपुर रोड का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास भी किया। आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सूचना विभाग से आई एलईडी वैन के माध्यम से लखनऊ रोड स्थित सेन्टपीटर्स स्कूल व चर्च के सामने किया गया। सीधा सजीव प्रसारण दूरदर्शन टीवी के माध्यम से जनपद के जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना, पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही जनपद के बुद्धिजीवियों, आम जन द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का सीधा प्रसारण भी सुना। अधिवक्तागण, नागरिक, ग्रामीण जनता, बुद्धिजीवियों अन्य कर्मचारियों ने भी प्रसारण सुनकर अपने विचार व्यक्त किये। 
 सजीव प्रसारण में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अनुकरणीय नेतृत्व था, जिसने 21वीं शताब्दी के मजबूत एवं खुशहाल भारत की नींव रखी। उनकी दूरदर्शी नीतियों ने विभिन्न क्षेत्रांे में प्रत्येक भारतीय के जीवन को छुआ है। उन्होंने कहा कि अटल जी कहते थे कि हर पीड़ी का मूल्यांकन दो बातो से होगा एक मापदण्ड और उसका सम्मान उन्होंने जो रास्ता दिखाया व एक सुशासन के संवाहक का रहा था जिससे विरास्त में समस्याओं को सुलझाया गया है। आर्टिकल 370 कितनी पुरानी बीमारी थी जो कठिन थी जो कि हमें विरास्त में मिली थी उसे सुलझाया, रामजन्म भूमि के पूराने मामले को भी शान्तिपूर्वक समाधान किया गया इसके अलावा गरीब शरणार्थियों के मामले को भी आसानी के साथ सुलझाया जा रहा है। देश प्रदेश में निरन्तर विकास के कार्य किये जा रहे है। चुनौतियों को चुनौतियां देने का एक भी मौका नही छोड़ा है। 2 करोड़ लोगों को आवास दिया गया है 2022 तक हर गरीब व्यक्तियों को पक्का मकान मिल जायेगा। सबको आवास, शौचालय, गैस कनेक्शन, विद्युत आदि योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया गया है। अटल जलयोजना का शुभारम्भ किया गया। जिसमें 7 प्रदेश के भूगर्भ के जल स्तर को सुधारने का कार्य किया जायेगा। 2024 तक हर घर को जल आदि मुहैया कराकर न्यू इण्डिया को प्रगति की ओर ले जाना ही हमारा संकल्प के साथ ही न्यू इण्डिया की मजबूत नीव भी तैयार हो रही है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ सरकार कार्य कर रही है। सरकार उलझाने के बजाये सुलझाने का कार्य करें। सरकारी कार्यो में पारदर्शिता के साथ ही लोगों की सेवा भी हो रही है। उन्होनंे कहा कि जीवन को टुकड़ों में नही देखा जा सकता उसको समग्रता में देखने की जरूरत है। यही सिद्धांत सरकार व गुड गवर्नेस पर भी लागू होती है। हम सुशासन की दौर की तरफ बढ़ रहे है जनता किसी भी समस्या के लिए आवेदन न करे बल्कि सरकार जनता के द्वार पर जाकर उसकी समस्याओं के बारे में पूछे और उसका निराकरण करे।
 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत 70 लाख से अधिक लोगों का इलाज हो चुका है यह दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। यह जन सेवा के क्षेत्र में देश में अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। जो उत्तर प्रदेश में बढ़चढ़ कर देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य आपका साथ हमारा के तहत बीमार न रहेगा अब लाचार, बीमारी का होगा मुफ्त उपचार आयुषमान भारत में अनेक लाभार्थियों को विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना पीएम-जय से बन रहा है भारत ''आयुषमान'' जिसके तहत पहली बार देश के इतिहास में प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना के अन्तर्गत करोड़ों वंचित भारतवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कराई गई है। 
 भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित सहित राज्य व केबिनेट मंत्री अधिकारीगण उपस्थित थे। एलईडी वैन के माध्यम से दिखाये जा रहे कार्यक्रम को क्रिसमस पर आये सेकड़ों आमजन व आनेजाने लोगों के साथ ही फादर लुईस ने भी सजीव प्रसारण के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के सम्बोधन को सुना। 


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति