सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बैठक में 22 स्टेटिक मजिस्ट्रेट अनुपस्थित

जिलाधिकारी रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने निर्देश दिये है कि बोर्ड परीक्षाओं में अनुचित साधन प्रयोग (नकल) की प्रवृत्ति-सम्भावनाओं पर अंकुश लगाने, परीक्षाओं की शुचिता, पवित्रता, गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से नकल विहीन आदि कराने के लिए कटिबद्ध है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा आयोजित वर्ष 2020 की हाईस्कूल-इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा जो कि 6 मार्च को समाप्त होगी। परीक्षाओं में नकल की रोक-थाम तथा परीक्षाओं को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने की समुचित व्यवस्थाए दुरूस्त रहे। जिलाधिकारी ने सभी स्टेªटिक मजिस्टेªट एवं सेक्टर मजिस्टेªट को निर्देश दिये है कि सुरक्षा बल की उपस्थिति चेक करके कमी होने पर कन्ट्रोल रूम पर अवगत कराये। सीसीटीवी कैमरे का फोकस समस्त कक्षों को कवर करते हुए होना चाहिए। यदि किसी प्रकार की कमी हो तो उसे ठीक कराते हुए कन्ट्रोल रूम को अवगत कराये। परीक्षा दिवस में प्रातः कन्ट्रोल रूम में जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रातः 07ः00 बजे से अपरान्ह 01ः00 बजे तक उपस्थित होकर कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति एवम कमी का आकलन करके कक्ष निरीक्षकों की पूर्ति करायेंगे। कन्ट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 0535-2210409, 0535-2703108 है। यदि किसी प्रकार की सूचना हो तो इस नम्बर पर अनिवार्य रूप से सुचित करें। 
जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना व मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर विकास भवन के सभाकक्ष में अपर जिलाधिकारी प्रशासन राम अभिलाष ने जिला विद्यालय निरीक्षक सहित सभी एसडीएम, केन्द्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्टेªट, जोनल मजिस्टेªट आदि की बैठक ली। बैठक में 22 स्टेटिक मजिस्टेªट अनुपस्थित थे जिसमें विभिन्न सेक्टरों के ग्राम विकास अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, सीडीपीओ, अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत, चकबंदी अधिकारी  सलोन, सचिव मण्डी समिति आदि स्टेटिक मजिस्टेªट अनुपस्थिति की जानकारी पर डीएम ने गम्भीरता लेते हुए एडीएम प्रशासन को निर्देश दिये कि सभी अनुपस्थित स्टेटिक मजिस्टेªट स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुए संतोष जनक न पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही करें। बोर्ड परीक्षाआंे के सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरा एवं रिकार्डिंग हेतु डीवीआर तथा विद्यालय के चारों ओर सुरक्षित चहारदिवारी एवं मुख्य प्रवेश पर द्वार पर गेट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की गई है। सीसीटीवी कैमरा एवं रिकार्डिंग नियामानुसार होना जरूरी यदि किसी भी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे बंद पाये जाने पर सम्बन्धित केन्द्र प्रभारी के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। परीक्षा केन्द्र प्रभारी को निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा केन्द्रों पर किसी भी प्रकार की कोई इलेक्ट्रानिक्स गेजेट, कलकुलेटर आदि पूरी तरह से प्रतिबद्धित रखा जाये। 
  अपर जिलाधिकारी प्रशासन राम अभिलाष ने माध्यमिक शिक्षा परिषद उ0प्र0 प्रयागराज बोर्ड परीक्षा 2020 को जनपद में पूरी तरह से नकलविहीन व शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना है। परीक्षा बहुत सख्त पारदर्शी, गुणवत्तापरक माहौल में सम्पन्न करवाने हेतु उत्तर प्रदेश बोर्ड तथा शासन द्वारा जारी सभी जरूरी दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए परीक्षाओं को सकुशल सम्पन्न कराना है। मोबाइल फोन किसी भी कर्मचारी के पास नही होना चाहिए केन्द्र अध्यक्ष व स्टेटिक मजिस्टेªट अपने मोबाइल को वाइबरेशन मोड पर रखते हुए पूरी तरह से सक्रिय रखेंगे। सभी कमरों की लाईट चेक करने के साथ ही प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था होने के साथ ही शौचालयों में रनिंग वाटर व सफाई सुनिश्चित रहें। परीक्षा केन्द्रों पर उ0प्र0 स्टेटिक मजिस्टेªट की उपस्थिति में सील कराने के साथ ही उसपर लगने वाली स्लिप व उसपर लगने वाली मोहर को भली-भांति चेक किया जाये।
 इस मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी बोर्ड परीक्षाओं को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए अपनी बात व बोर्ड के दिशा निर्देशों की जानकारी दी। केन्द्र प्रभारी, व्यस्थापक, विकास खण्ड अधिकारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।  


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति