कीट-रोगों से बचाव के लिए सुझाव

जनपद के समस्त कृषकों को जिला कृषि रक्षा अधिकारी, रायबरेली अरूण कुमार त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया है कि जनपद रायबरेली में हुई बारिश के बाद कोहरा पड़ने से रबी की प्रमुख फसलों में राई-सरसों में लगने वाले कीट-रोगों से बचाव के लिए सुझाव दिये है। राई-सरसों की फसल के लिए बताया है कि बारिश के बाद कोहरा पड़ने से राई-सरसों की फसल में माहूँ कीट के प्रकोप होने की सम्भावना बढ़ जाती है। यदि कीट का प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर (5 प्रतिशत प्रभावित पौधे) से अधिक हो तो निम्न रसायनों में से किसी एक को प्रति एकड़ की दर से लगभग 200-250 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। 
 आज़ाडिरेक्टिन 0.15 प्रतिशत ईसी, 1.00 लीटर की दर से 150 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। या डाईमैथोएट 30 प्रतिशत ईसी, 0.4 लीटर की दर से 150 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। 
 इसी प्रकार इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत 40-50 मिली0/एकड़ 200-400 ली0 पानी के साथ छिड़काव करें। या डाईमेथोएट 30 प्रति ईसी 265 मिली0/एकड़ 200-400 ली0 पानी के साथ छिड़काव करें सकते है।