कृषक कृषि विविधिकरण व आधुनिक कृषि पर जोर दे

जिलाधिकारी रायबरेली शुभ्रा सक्सेना के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने बचत भवन के सभागार मे जनपदस्तरीय किसान दिवस के अवसर पर किसानों से कहा कि किसान दिवस में दी जा रही कृषि विकास सम्बन्धी जानकारियों को भली-भांति जानकर कृषि विकास में योगदान दें। उन्होंने ने कहा कि कृषकों को फसलों से सम्बन्धित कृषि वैज्ञानिक-अधिकारियों द्वारा नवीन तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराये तथा उनकी कृषि सम्बन्धी समस्याओं का निराकरण भी किया जाये। गेहूं, जौ, सरसों, आलू, गन्ना आदि रबी की फसलों की अच्छी उत्पादकता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गयी। 
 मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल कहा कि कृषि विविधिकरण को अपनाये जिसके माध्यम से मत्स्य, फूलों, केले की खेती, पशुपालन आदि को भी ध्यान देकर कृषि विविधिकरण को बढ़ावा दे। कृषि का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को दोगुनी हो और किसान को किसी भी प्रकार की समस्याओं से जुझना न पड़े। उन्होंने किसानों से कहा कि पशुपालन करना हर किसान का दायित्व है बिना पशुओं के गोबर की खाद उपलब्ध नही हो सकती जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति कम होगी। आने वाले दिनों में हमारी जमीन पथरिली हो जायेगी। जिसमें हल चलाना कठिन हो जायेगा। फसलों की पैदावार कम हो सकती है सरकार की मंशा है कि गोबर खाद के साथ-साथ जैविक खादों का भी प्रयोग करके फसलों को अधिक-अधिक पैदावार किया जा सके। जिससे कि 2022 पर कृषकों की आय दोगुनी हो सके। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने निर्देश दिये कि फसल बीमा, विद्युत आदि की शिकायते सम्बन्धित बैंक उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, प्रभारी इन्सोरेस कम्पनी आदि अपनी समस्याओं का निस्तारण करेें उन्होंने ने कहा कि किसान देश का भविष्य होता है, जब तक हम किसान का स्तर नहीं सुधार पाए हम देश का विकास नहीं कर सकते, किसानों की समृद्धि से ही देश की समृद्धि सम्भव है। जनपद में उन्नतिशील खाद व बीज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने किसानों से कहा कि बड़े किसान छोटे किसानों का मार्ग दर्शन करें उन्हें अपेक्षित सहयोग देकर उनकी कृषि समृद्धि में सहायता करें। 
 मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, प्राकृतिक संसाधनों को बचाएं। किसान दिवस में मृदा के स्वास्थ्य के बरे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि मृदा के स्वास्थ्य को कैसे बचाया जाये, फसलो का चयन कैसे किया जाये तथा मृदा में क्या-क्या मिलाया जाये जिससे कि फसल अच्छी पैदा हो सके। उन्होंने किसानों से कहा कि आगामी फसलो के अशिष्ट/पराली न जलाये जाने के सम्बन्ध में घटनाओं को रोकने हेतु बताया कि किसान पराली/गन्ने की पतई अपशिष्ट को न जलाये एवं कृषि अपशिष्टों को समुचित प्रबन्धन कर कम्पोस्ट खाद तैयार करें साथ ही पराली को अपने नजदीकी निराश्रित गौशालाओं में उपलब्ध कराये। पराली जलाये जाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार व एनजीटी पूरी तरह से गम्भीर है। पराली व कृषि अपशिष्ट जैसे गन्ने की सूखी पत्ती या फसलों के डंठल इत्यादि भी न जलायें। जिला कृषि अधिकारी रवि चन्द्र प्रकाश ने किसानों को कृषि के बारे में अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी। इसी दौरान जैविक कृषक सत्य प्रकाश मिश्रा व डा0 आर0के0 कनौजिया वैज्ञानिक सलाहकार ने मुख्य विकास अधिकारी को काला चावल का पेक्ट भेट करते हुए कहा कि यह चावल शुगर फ्री के साथ ही जैविक कृषि पर तैयार किया गया है।
 इस मौके पर कई कृषि विशेषज्ञों/कृषि विज्ञानिक सहित अन्य विभागों के अधिकारी व किसान बडी संख्या में किसानों ने भी अपने विचार साझा किये। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी रवि चन्द्र प्रकाश, जिला अग्रणी बैंक विजय शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी, एडी सूचना प्रमोद कुमार, मो0 राशिद रियाज, खाद्य एवं विपणन अधिकारी, अधिषाषी अभियंता सिंचाई, विद्युत विभाग आदि विभागों के सम्बन्धित जन व प्रगतिशील किसान विश्वनाथ सिंह, गुरूदेव प्रताप सिंह आदि किसानगण उपस्थित रहे।


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