सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

वार्षिक महोत्सव में रंग जमाया

 


चिल्ड्रन वेलफेयर सेंटर स्कूल तथा क्लारास कालेज आफ कामर्स द्वारा 39वाँ वार्षिक महोत्सव के अवसर भव्य और रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन स्कूल ग्राउंड,यारी रोड, अँधेरी (वेस्ट), मुंबई में आयोजित किया गया था। जहाँ पर कालेज और स्कूल के बच्चे के वार्षिक पुरस्कार का वितरण स्कूल के प्रिंसिपल श्री अजय कौल और आये अतिथियों द्वारा किया गया। जहाँ पर बच्चों द्वारा नृत्य, राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर सामाजिक नाटक व विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम में स्कूल के प्रिंसिपल श्री कौल, एक्टिविटी चेयरमैन प्रशांत काशिद, शबनम कपूर के अलावा सांसद गजानन कीर्तिकर, विधायक डा. भारती लव्हेकर, शैलेश फनसे, लक्ष्मी अग्रवाल, डा. अमर सिंह निकम, डा. मनीष निकम इत्यादि और फिल्म कलाकार करिश्मा कपूर, सुनील शेट्टी, सोनाली बेंद्रे, आदित्य पंचोली, चंकी पांडे, खल्ली, करिश्मा तन्ना, दया शेट्टी, सिद्धार्थ निगम जैसे अतिथिगण, समाज सेवक, राजनेता, फिल्म अभिनेता इत्यादि लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी को कालेज द्वारा सम्मानित किया गया व अतिथियों द्वारा बच्चों प्राइज देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर चिल्ड्रन वेलफेयर सेंटर हाई स्कूल के प्रिंसिपल श्री अजय कौल ने कहा, हम लोग बच्चों को पढाई के अलावा उन्हें विभिन्न तरह के स्पोर्ट, डिजिटल इंडिया, सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय और भाईचारे के बारे में भी बताते है और उसको उसकी रूचि की अनुसार प्रमोट करते है, जिससे वह आगे चलकर जीवन में तरक्की करे। केवल ज्ञान देने से हमारी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती है। टीचर को, बच्चों के माता-पिता को चाहिए कि बच्चों पर ध्यान दे  और हर कदम पर सही राय दे। जिससे उनका और देश का भी भविष्य अच्छा हो।      
इस अवसर पर चिल्ड्रन वेलफेयर सेंटर हाई स्कूल के एक्टिविटी चेयरमैन प्रशांत काशिद को प्रोग्राम को अच्छे ढंग से एक्सक्यूट करने के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अजय कौल, प्रशांत काशिद ने आये सभी लोगों का और स्कूल के सभी स्टाफ का आभार व्यक्त किया, जिसके कारण कार्यक्रम सफल रहा। आये सभी लोगों ने कार्यक्रम की जमकर तारीफ की।   


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति