ग्राम पंचायत अधिकारी ने फांसी लगाकर जान दी


जनपद आजमगढ़ के महाराजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अधिकारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। जिसे लेकर क्षेत्र में सनसनी मच गई। वही परिजनों और कर्मचारियों ने बीडियो पर प्रताड़ना कर हत्या का आरोप लगाया। जनपद के कलेक्ट्रेट में आज ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बीडियो और पुलिस पर भूमिका संदिग्ध आरोप को लेकर घेराव कर हंगामा किया। उसी दौरान कलेक्ट्रेट में प्रदेश के गन्ना मंत्री व जनपद प्रभारी सुरेश राणा 3 वर्ष पूरे हो जाने पर कलेक्ट्रेट पहुंचने के रास्ते को रोककर ज्ञापन के माध्यम से कार्रवाई की मांग की। वहीं प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।
आजमगढ़ जिले में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मुखलिसपुर ग्राम निवासी अशोक सिंह (55 वर्षीय) महाराजगंज ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। गुरुवार की देर शाम जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर कॉल किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं होने पर परिजनों ने अवर अभियंता को फोन किया। अभियंता रात में ब्लॉक परिसर में बने आवास पहुंचे और दरवाजा खोला तो उनका शव फांसी के फंदे से झूल रहा था। जिसकी सूचना पुलिस और परिजनों को दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वही परिजनों और कर्मचारियों का आरोप है कि ब्लॉक विकास अधिकारी ने हत्या की है और प्रशाशन इसको आत्महत्या दर्शाना चाहती है। आक्रोशित कर्मचारियों ने फंदे पर लटका हुआ फोटो अपने हाथों में लेकर प्रदर्शन कर शव को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। परिजन और कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एक ग्राम पंचायत में हुए कार्य के लिए बीडियो द्वारा प्रताड़ित करने और खुद वीडियो भ्रष्टाचार में संलिप्त मृतक से स्पष्टीकरण मांगा था। परिजनों ने यह भी बताया कि उन्हें देर से सूचना दी गई जब वे लोग वहां पहुंचे तो शव नीचे पड़ा था। परिजनों ने प्रशासन व पुलिस से मांग किया कि घटना की निष्पक्ष रूप से जांच कर कार्रवाई की जाये। वहीं गन्ना मंत्री सुरेश राणा का रास्ता रोक उनको ज्ञापन दिया।