रूरतमंदों को भोजन वितरण में सामाजिक दूरी रखे

जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना व पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने कोरोना वायरस कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए पांचवें दिन जनपद में सुपर माकेट, सिविल लाईन, कहारो का अड्डा, बस स्टाप आदि दूर दराज स्थानों का चल रहे लाॅकडाउन का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिये है कि ग्रामीण क्षेत्र के जनमानस अनावश्यक घरों से न निकले गांव में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए लाॅकडाउन के अनुरूप घरों में ही रहे। गरीब, कमजोर व जरूरतमंद लोगों को भोजन मुहैया कराने के उद्देश्य से कम्युनिटी किचन संचालित है ग्राम पंचायत स्तर सामाजिक संस्थाओं द्वारा जरूरतमंदों को भोजन वितरण में सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जाये। 
 जिलाधिकारी ने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि पर यथा स्थान पर ही बाहर से आ रहे लोगों को रहने के लिए आश्रय स्थल चयनित किये गये है जहां पर निशुल्क भोजन एवं रहने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। भोजन एवं खाद्यान्न की व्यवस्था ग्राम पंचायत, नगर निकाय आदि संसाधनों का भी उपयोग किया जाये। खाद्य सामग्री की कोई कमी न रहे। कोरोना वायरस कोडिव 19 से बचाव के लिए सामाजिक दूरी एक मात्र उपाय है जरूरतमंदों को लच पैकेट व भोजन दें लाॅकडाउन पर विशेष ध्यान रखते हुए कही पर भीड़ न इक्ठठा न होने दें। जनपद में अपातकालीन सेवाए को पूरी तरह से एक्टिव है। शहरों व ग्रामीण क्षेत्रो में एसडीएम व ग्राम प्रधानों द्वारा भी जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है। 
 जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सेवी संस्थाए प्रशासन के साथ सहायता के लिए आगे आये और अपने स्तर से भी जरूरतमंदों को भोजन समाजिक दूरी बनाते हुए वितरित करें। लाॅकडाउन का कोई भी उल्लघंन न करें अन्यथा की दशा में जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। आवश्यक सामग्री राशन आदि को घर-घर भी पहुचाया जा रहा है। उन्हांने कहा कि जो लोग पलायन के दौरान बार्डर पर आ रहे उन्हें वही रोक लें उन्हें किसी स्कूल व रैन बसेरों में समाजिक दूरी बनाते हुए उनके खाने पीने, दवा आदि की व्यवस्था करे तथा लाॅकडाउन को पूरी तरह से सफल बनाये।
 जिलाधिकारी ने आवश्यक साम्रगियों की दरें निर्धारित कर दी गई है। जनपद में कालाबाजारी व जमाखोरी को रोकने के लिए आवश्यक वस्तुओं की बिक्री दर तालिका जारी कर दी गई। दुकानदारों को निर्देशित किया गया है कि बिक्री दर तालिका के अनुरूप ही समानों की आमजनमानस को दें। वस्तुओं में जिसमें गेहूँ थोक भाव 2100 कु0 चावल थोक 2200-3000 कु0 व फुटकर 22 व 36 रूपये कि0ग्रा0, आटा थोक 2500 कु0 व फुटकर 28 रूपये कि0ग्रा0, मैदा थोक 2500 कु0 व फुटकर 30 रूपये कि0ग्रा0, दाल अरहर थोक 6000-8600 कु0 व फुटकर 80 व 90 रूपये कि0ग्रा0, चना दाल थोक 5600 कु0 व फुटकर 55 से 60 रूपये कि0ग्रा0, सरसो का तेल थोक 9600 कु0 व फुटकर 100 रूपये कि0ग्रा0, सोयाबीन रिफाइन्ड थोक 9700 कु0 व फुटकर 105 रूपये कि0ग्रा0, चीनी थोक 3600 कु0 व फुटकर 40 रूपये कि0ग्रा0, दूध (टोन्ड) 56 रूपये कि0ग्रा0, दूध (नान टोन्ड) 46 रूपये कि0ग्रा0, सेब थोक 7200-8000 कु0 व फुटकर 130-140 रूपये कि0ग्रा0, संतरा थोक 3900 कु0 व फुटकर 50-60 रूपये कि0ग्रा0, अंगूर थोक 5000 कु0 व फुटकर 100 रूपये कि0ग्रा0, पपिता थोक 2000-2500 कु0 व फुटकर 50 रूपये कि0ग्रा0, आलू थोक 2000-2200 कु0 व फुटकर 25-30 रूपये कि0ग्रा0, प्याज थोक 2000 कु0 व फुटकर 30 रूपये कि0ग्रा0, टमाटर थोक 3000 कु0 व फुटकर 40 से 50 रूपये कि0ग्रा0 दर निर्धारित किया गया है। घर-घर जाकर निर्धारित दरों के अनुरूप सामग्री को वितरित करें। जिलाधिकारी ने एडीएम, नगर मजिस्टेªट आदि अधिकारियों को निर्देश दिये है कि देखे कि वह जो दुकाने निर्धारित की गई है वह उपभोक्ताओं को घर-घर सामान पहुचा रहे है या नही निर्धारित दरों से अधिक बेजने वालों पर कड़ी कार्यवाही व केस दर्ज कराया जाये।