आश्वासन देना निस्तारण नही होता है: मुकेश मेश्राम

कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत मंडलायुक्त लखनऊ व नोडल अधिकारी मुकेश मेश्राम व आईजी एस0के0 भगत ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिये कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ लॉकडाउन का पालन कराने व घर से बाहर न निकलने की हिदायत देते रहे। कोरोना वायरस के संक्रमण रोकने के लिए घरों में रहकर लाकडाउन का पुरी तरह से पालन करना है। इसके अलावा मुंह पर मास्क का प्रयोग जरूर लगाये तथा सोशल डिस्टेस को बनाये रखे। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि कंट्रोल रूम के माध्यम से जो भी शिकायतें प्राप्त हो रही है उन शिकायतों के निस्तारण व संतुष्टि की जानकारी शिकायतकताओं से कंट्रोल रूम से लेते रहें साथ ही  क्वारंटीन केन्द्रों व कम्युनिटी किचनों पर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखे, कोविड-19 के नियंत्रण व रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए आरोग्य सेतु एप को सभी अधिकारी व कर्मचारियों के साथ-साथ जनमानस को डाउनलोड करानें के साथ ही घर में रहे सुरक्षित रहे आदि का संदेश भी देते रहे। उन्होंने दो कन्ट्रोल रूम पर कई शिकायतकर्ताओं से राशन वितरण में कमी, राशन कार्ड बनाने आदि शिकायतों के निस्तारण के बारे में शिकायतकर्ताओं से पुछा। मण्डलायुक्त को एक शिकायत पर ज्ञात हुआ कि कोटेदार द्वारा राशन देने का वादा किया गया है परन्तु अभी तक राशन उपलब्ध नही करवाया गया है। निस्तारण में आश्वासन दिखाया गया जिस पर आयुक्त ने कहा कि यदि किसी भूखें को खाना खिलाने के लिए कहा जाये और उसे आश्वासन दिया जाये की खाना दिया जायेगा परन्तु खाना नही मिलता है यह निस्तारण नही होता है। उन्होंने कहा कि आश्वासन निस्तारण नही होता है। मण्डलायुक्त व आईजी ए0के0 भगत ने 112 वाली शिकायतों पर भी जानकारी प्राप्त की।