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हर व्यक्ति की अपनी नैतिक जिम्मेदारी है और वह अपने कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़े

विश्व के पटल पर कोरोना वायरस मानव को इतनी बड़ी चुनौती दे रहा है अजीब सी स्थिति है की जिसकी गंभीरता को समझने वाले लोग स्वयं में अनुशासित होकर कर्फ्यू लगा लिया है किंतु कुछ निगेटिव लोग अपने को तो नहीं सेव कर रहे हैं मगर संक्रमण को बढ़ाने में पूरा योगदान दे रहे हैं ऐसी स्थिति में और इतना लंबे समय में बहुतों के सामने खाने-पीने की भी समस्याएं आनी लाजमी है ऐसे में हमारे जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री राकेश दुबे की उपज कुछ ऐसे अधिवक्ता साथियों का कुशल क्षेम पहुंचने की योजना में हम सभी शिरकत कर रहे हैं अपना परम सौभाग्य समझते हैं 2 अप्रैल से लगातार यह प्रयास शुरू किया गया है मंत्री जी के नेतृत्व में ब्लॉक डाउन होने के कारण ऐसे अधिवक्ता साथी जो अकेले भी रह रहे हैं या फस गए हैं घर नहीं पहुंच पाए उनकी कुशलता और उनकी आवश्यकता को समझ ने के लिए हम लोग धूमनगंज रामबाग कीडगंज प्रीतम नगर मयोरा बाद दारागंज नैनी मंफोर्डगंज आदि क्षेत्रों में साथी अधिवक्ता प्रकाश दुबे पूर्व संयुक्त मंत्री नितिन दुबे प्रमोद सिंह साथी अधिवक्ता रेवती रमण त्रिपाठी धर्मेंद्र मिश्रा धर्मवीर राय हम लोगों ने स्वयं ही अधिवक्ता भाइयों बहनों रंगकर्म के साथियों की आवश्यकता और कुशल क्षेम पूछने घर घर पहुंचे और यह सफर आगे भी जारी रहेगा मुझे लगता है हर व्यक्ति की अपनी नैतिक जिम्मेदारी है और वह अपने कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़े जो कुछ नहीं कर सकता कम से कम कोरोना योद्धाओं का मनोबल तो बढ़ा ही सकता है शहर में मैं स्वयं देख रही हूं सरकार प्रशासन के लोग मीडिया के लोग मेडिकल डिपार्टमेंट संगठन और प्रबुद्ध लोग अपने अपने तरीके से एक-दूसरे को संभालने के लिए तैयार है वाह रे हिंदुस्तान और हिंदुस्तान की माटी और हिंदुस्तान के लोग नमन करती हूं मेरा एक सुझाव घर में सुरक्षित रहें हम लोग भी जब बाहर निकलते हैं तो अपने को प्रोटेक्ट करके निकलते हैं फिर भी आपका हौसला अफजाई हमारी सबसे बड़ी ताकत है अधिवक्ता साथियों  आपकी जानकारी में  कोई अधिवक्ता साथी या जरूरतमंद हो तो उसका नाम हम तक जरूर पहुंचाएं।



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पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति