ऋतंधरा मिश्रा की रचनाओं में आशावाद के साथ-साथ जीवन के यथार्थ के स्पष्ट दर्शन होते हैं

प्रयागराज। विभिन्न प्रतिभाओं की धनी ऋतंधरा मिश्रा की रचनाओं में आशावाद के साथ-साथ जीवन के यथार्थ के स्पष्ट दर्शन होते हैं। सामाजिक मुद्दों के साथ ही परिवार श्रृंगार को अपनी रचनाओं में शामिल करना एक संवेदनशील साहित्यकार को स्वयं में दूसरे साहित्यकार से अलग स्थापित करता है। मां के प्रति समर्पण एवं मां की छत्रछाया में संतानों का सुरक्षित महसूस करना इस का सजीव चित्रण मार्मिक है। कवि द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ निश्चय होना अति आवश्यक है। यह विचार महक जौनपुरी कवयित्री ने शाश्वत साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित ऑनलाइन साहित्यिक परिचर्चा में ऋतंधरा मिश्रा की कविताओं और काव्य संग्रह जीवन रस पर व्यक्त किया।
मुनेद्र नाथ श्रीवास्तव ने कहा कि ऋतंधरा की रचनाओं में हिंदी व उर्दू साहित्य से समृद्ध होने की झलक मिलती है, वे गजल लेखन में भी दखल रखती हैं। मुखौटा शीर्षक की कविता रंगमंच की याद दिलाता है, काव्य का परिचायक होता प्रतीत होता है। कवित्री प्रतिभा  मिश्रा ने कहा कि ऋतंधरा मिश्रा जी चेहरे पर मुस्कान बेहद शांत, और, शालीन व्यक्तिव रंगमंच पर भी सक्रिय रहती हैं। उनकी रचनाएं विविधताओं का संगम है। उन्होंने मानव जीवन के सभी पहलुओं को छूते हुए संजीदगी से चित्रण किया है। वरिष्ठ कवि  अंशुल जी ने कहा कि जीवन के विविध पक्षों को उद्घाटित करतीं ऋतंधरा की कविताएं मानस पटल पर अपनी छाप छोड़ती हैं इस बुक के लिए इन्हें ढेरों शुभकामनाएं। इन कविताओं में गहन भाव के पक्के धागे में आशावाद के सुन्दर मनके पिरोये गये हैं। संवेदना की प्रभावी सतह और लयात्मकता कथ्य को हृदय से जोड़ देती है। यही रचनाकार की सफलता है। कवि देवेंद्र कुमार मिश्र के मुताबिक ऋतंधरा मिश्रा की रचनाएं बहुत ही संवेदनशीलयथार्थ के धरातल पर व्यक्ति के जीवन दर्शन को दर्शाती हैं तथा आज के परिवेश से असंतुष्ट रचनाकार कहीं न कहीं अपनी वास्तविकता को तलाश रहा है। जो उससे सुकून देती हैं बनावती जीवन से त्रस्त शांति की तलाश में अपने खोए हुए संस्कार अपने मौलिक स्वरूप को तलाश रहा है जहां से शांति दिख रही है। इनके अलावा वरिष्ठ रंगकर्मी सुषमा शर्मा वरिष्ठ रंग निर्देशक अजय मुखर्जी आधारशिला के सचिव अजय केसरी रंगकर्मी मीना रंगकर्मी साधना रंगकर्मी ऋषा मध्यम रंग मंडल के सचिव विनय श्रीवास्तव डॉ अशोक शुक्ला वरिष्ठ रंगकर्मी रंगकर्मी चंद्रमुखी रंगकर्मी गोपेंद्र मिश्र युवा रंगकर्मी श्वेता सिंह ने भी विचार व्यक्त किए तथा पुस्तक के लिए शुभकामनाएं दी। संयोजन शाश्वत की महासचिव ऋतंधरा मिश्रा ने किया।