सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

व्यवस्थाओं को बेहतर भी बनाया जाये

जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने बचत भवन में अधिकारियों को निर्देश दिये कि सोशल डिस्टेन्सिंग व लाॅकडाउन का कड़ाई से पालन किया जाये तथा बचाव व राहत कार्यो को युद्ध स्तर पर पूर्ण करें तथा टीम भावना के साथ कार्यो को पूरा कर कोरोना को हराये। उन्होंने कहा कि कोरोना से राहत व बचाव के लिए सरकार व प्रशासन के पास किसी प्रकार की कोई कमी नही है। उन्होंनेे मुख्य चिकित्साधिकारी व समस्त एसडीएम व सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि निर्वाचन के भांति टीम भावना से कार्य करें उन्होंने कहा कि जनपद में मैन पाॅवर की कोई कमी नही है। एल वन एक्टिव, पासिव इंटीट्यूशन, कोरेन्टाइन आदि बिन्दुओं पर प्रभावी रणनीति के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने परियोजना निर्देश को निर्देश दिये कि सांसद, विधायक, एमएलसी आदि द्वारा जो धन कोरोना से निपटने के लिए आपदा राहत में दिया गया है। उसको तत्काल सीएमओं से मिलकर सम्बन्धित चिकित्सीय कार्यो हेतु अवमुक्त कराये। उन्होंने सीएमओं से कहा कि वह नियामानुसार मांग पत्र के अनुरूप धन लेकर उसे कोरोना राहत व बचाव से सम्बन्धित कार्यो में खर्च करते हुए उसका उपयोग प्रमाण पत्र भी देते रहे। इसके अलावा जनपद को सेनेटाइजर का कार्य भी नगर पालिका/नगर पंचायत डीपीआरओ, खण्ड विकास अधिकारी आदि करवाते रहें। खान-पान, साफ-सफाई, आवश्यक सामग्री व वस्तुओं की व्यवस्थाए दुरूस्त रखने के साथ ही व व्यवस्थाओं को बेहतर भी बनाया जाये तथा सोशल डिस्टेस पूरी तरह से बना रहे। अनावश्यक लोग घरों से बाहर घुमते पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बच्चों का बुजुर्गो का घरों से बाहर बिलकुल न निकलने दें। 
 हाॅट-स्पाट क्षेत्रों में सिर्फ पास धारकों को ही जैसे मेडिकल स्टाफ, सफाई-कर्मचारी, खाद्य सामाग्री को डोर-टू-डोर पहुचाने व पुलिस को ही जाने दिया जाये साथ उनसे समाजिक दूरी बनाये रखे। सेनेटाइजर व साबुन से बार.बार हाथों को धोए बात करते समय एक मीटर का फासला रखा जाये एवं मास्क से अपने मुंह ढकने सहित इस बीमारी से बचने के लिए बताया गये सभी निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाये। उन्होंने क्वांरटीन व हाॅट-स्पाट में रहने वालों का कुशलक्षेम व व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेते रहे तथा समाजिक दूरी बनी रहे। समाजिक दूरी बनाते हुए जितना हो सके एक दूसरे की मद्द व इमदाद कर आवश्यक सामग्री के वितरण में निर्धारित दरों से अधिक बचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा जाए तथा आवश्यक सामग्रियों को आम जनमानस के डोर टू डोर पहुचाए जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कतें न हों। लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन कराते हुए कोरोना आपदा राहत एक्ट प्रबंधन के समस्त उपायों को सही तरीके से पालन करें। पूरी तरह से सतर्क व सुरक्षित रहें। डीपीआरओ को निर्देश दिये कि वह गांव में जाकर साफ-सफाई कराये। डीआईओएस सभी विद्यालयों की सूची तैयार करे किस विद्यालय में कितने कमरे है बिजली-पानी व शौचालय की व्यवस्था के साथ ही साफ-सफाई स्टाफ आदि दें। डीएसओं जिनके राशन कार्ड नही बने है उनकी राशन कार्ड नियमानुसार बनाये तथा कोटेदारों द्वारा राशन वितरण की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि जिन कोटेदारों की घटतोली व युनिट के सापेक्ष राशन न देने आदि शिकायतों की जांच कर दोषी कोटेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि पीपीटी किट, मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, डॉक्टर व स्टाफ की रहने व खाने-पीने के लिए समुचित व्यवस्था, अस्पताल, निजी अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की कोई कमी ना रहे। इस पर शासन स्तर पर धन की कोई कमी नही है। कोरोना के मरीज आने पर न घबराये और न ही मरीजों को घबराने दिया जाये। इस पर सोशल डिस्टंेसिंग व क्वारंटीन में रख कर शरीर का इमियुनिटी बढ़ाकर कोरोना पर बचाव करें। कोरोना के मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ हो डिस्चार्ज की संख्या बढ़े, बार-बार हाथ धोने की प्रक्रिया मास्क लगाए आदि व्यवस्थाएं को भी देख-रेख में सुनिश्चित करें। चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ पर विशेष ध्यान दें उनके मनोबल में कमी ना रहे जब वे सुरक्षित रहेंगे तभी हम सुरक्षित रहेंगे। कोरोना आपदा एक्ट प्रबंधन वह सरकार के प्रोटोकॉल के अनुरूप कार्य योजना बनाकर राहत बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर करें। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देश है कि मेडिकल इन्फेक्शन को हर हाल मंे रोका जाना आवश्यक है। पीपीई, एन-95 मास्क व सेनेटाइजर पर्याप्त दवाये आदि की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की कमी न होने पाये। उन्होंने कहा जिलें में कोविड तथा नाॅन-कोविड अस्पताल चिन्हित किये जाये कोरोना मरीज कोविड अस्पताल में भर्ती तथा अन्य रोगों के उपचार हेतु मरीजों को नाॅन कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि संक्रमण से बचाने के लिए प्रशिक्षित किया जायें चिकित्सालयों में सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित रहें। हाॅट-स्पाटस क्षेत्रों में मेडिकल, सैनिटाइजेशन व होम डिलीवरी टीम ही जाये साथ ही लाॅकडाउन के सफल क्रियान्वयन के साथ ही सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन हर हाल में किया जाये। निजी और सरकारी चिकित्सकों को टेलीमेडिसिन सेन्टर से जोड़ा जाये।
 जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के कलेक्ट्रेट में स्थित कोरोना इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है कंट्रोल रूम नंबर 0535-2203214, 2203320 मो0नं0- 9532748340, 9532511074, 9532856705, 9532647079 पर संपर्क कर सकते है। किसी प्रकार की आवश्यकता व शिकायत को तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है। इसी प्रकार कोविड-19 लखनऊ मण्डल लखनऊ में भी कंट्रोल रूम नंबर 0522-2618614 मो0नं0 7376152047, 8004601241, 8004669953 की स्थापना की गई है। आप तक हर संभव मद्द पहुचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। धैर्य व संकल्प शक्ति को बनाये रखे और स्वयं सुरक्षित रहकर अपने परिवार को सुरक्षित व स्वस्थ्य रखे।
 इस मौके सयुक्त निदेशक डा0 ए0के0 सिंह एएसपी नित्यानन्द राय, एडीएम प्रशासन राम अभिलाष व एडीएम वि0रा0 प्रेम प्रकाश उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 संजय कुमार शर्मा, एडी सूचना प्रमोद कुमार सीओ सीटी गोपीनाथ सोनी समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्रीय आयुवैदिक अधिकारी डा0 अरूण कुरील आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। 


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