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ऑनलाइन एजुकेशन मोबाइल पर कराने के चक्कर में खाते से आठ लाख रुपये गायब हो गए

 



आजमगढ़ । लॉकडाउन में बच्चे को ऑनलाइन एजुकेशन मोबाइल पर कराने के चक्कर में एक शिक्षक के खाते से आठ लाख रुपये गायब हो गए, जहां शिक्षक परिवार सदमे में है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर दोषियों को सामने लाने में जुटी है। ऑनलाइन शिक्षा कब ऑनलाइन गेम में परिवर्तित होकर खाते को खाली कर गया ये पता ही नहीं चला। पीछे छोड़ गया बैंक की संलिप्तता पर बड़ा सवाल।


आजमगढ़ के बिलरियागंज ब्लॉक के हेंगाईपुर में हरिवंश लाल श्रीवास्तव प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक पद पर कार्यरत, उनका एसबीआई बैंक बिलरियागंज में खाता है। उनके खाते में मैसेज अलर्ट की भी सुविधा रही लेकिन उनके बैंक खाते से 10 अप्रैल 2020 से 12 मई 2020 के बीच तकरीबन आठ लाख रुपए ऑनलाइन तरीके से गायब कर दिया गया। परिवार का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन के लिए अपने बच्चे के हाथ में मोबाइल पकड़ा दिया था। मोबाइल पर ऑनलाइन एजुकेशन के साथ ही बच्चा ऑनलाइन गेम खेलने लगा। इसी गेम खेलने के चक्कर में हैकरों ने बच्चे को अपने जाल में फंसा लिया और उसके पिता के डेबिट कार्ड की कॉपी की फोटो ूींजेंचच से मंगवा लिया। इसके बाद ओटीपी व अन्य जानकारी को हासिल कर उसके पिता के बैंक खाते में सीधे एक्सेस बना लिया। खास बात है कि पिता का मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया जिससे अलर्ट सुविधा भी नहीं रही और शिक्षक को पता भी नहीं चला 12 मई को मोबाइल नं पर मैसेज को देख शिक्षक जब बैंक पहुंचे तब घटना की जानकारी होने पर हड़कंप मच गया। खाते का स्टेटमेन्ट निकलवाया तो आगरा से लेकर पंजाब तक कई जगह पैसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर होने की बात आयी जिसमें करीब 8 लाख रुपये जा चुके थे। बताया जा रहा है कि अपने आप ही बिना किसी शिकायत के बाद मोबाइल नंबर अपडेट होने की सूचना मिली और वापस उनका ओरिजिनल नंबर आ गया। खास बात है कि शिक्षक जब खुद पैसा निकालने गये तो उनके मोबाइल पर मैसेज अलर्ट आया अब पुलिस इस पूरे मकड़जाल का ब्यौरा तलाशने में जुटी हुई लेकिन इससे एक सबक यह भी है कि बच्चे के हाथ में मोबाइल देते समय उस पर निगरानी रखना भी अत्यंत आवश्यक है।


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