सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जिला स्तरीय समन्वयक समिति बैठक की समीक्षा

जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने बचत भवन सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय समन्वयक समिति बैठक की समीक्षा करते हुए बैंकों के शाखा प्रबन्धकों को निर्देश दिये कि जनपद के किसानों को लक्ष्य के अनुसार शत प्रतिशत ऋण उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि ऋण आवेदन पत्रों की सघन जांच पड़ताल करें और प्रपत्र सही होने पर लाभार्थी को ऋण देने के मामले अनावश्यक रूप से लंबित भी न रखें। उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिये कि खादी ग्रामोद्योग, उद्योग आदि विभागों के लाभ परक योजनाओं के लोन स्वीकृत हुए 6 महीनों से अधिक हो गये है परन्तु बैंकों द्वारा अभी तक लोन मुहैया नही कराया गया है। उन्होंने एलडीएम सहित बैंको मैनेजरों जिन के शासन की योजनाओं के लोन लम्बित पड़े हुए कड़ी फटकार लगाते हुए एलडीएम को निर्देश दिये कि एक सप्ताह के अन्दर लाभार्थियों को नियमानुसार लोन मुहैया करवा दिया जाये। अन्यथा दण्ड के लिए तैयार रहे। उन्होंने निर्देश दिये कि इस सम्बन्ध में यदि बैंक लाभार्थियों को जिनका लोन स्वीकृत हो चुका है मुहैया न कराते है अनावश्यक रूप से लम्बित किये हुए है ऐसे बैंकर्स के मैनेजरों की 3 जुलाई को बैठक कर कार्यवाही करे। 
 जिलाधिकारी ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्पेशल कंपोनेंट प्लान, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, भूतपूर्व सैनिकों हेतु सेम्फैक्स योजना, वसूली प्रमाण पत्रों की बैकवार स्थिति, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना व प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना एवं स्टैंड अप इंडिया योजना आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा लक्ष्य को पूरा करने के भी निर्देश दिए। बैठक मंे स्टैट बैंक आॅफ इण्डिया, पंजाब नेशनल बैंक, सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया, एक्सेस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक आदि बैंक को विशेष तौर पर स्थिति ठीक न पाये जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिये कि अगले मीटिंग तक अपनी स्थिति ठीक कर ले अन्यथा कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिस बैंक में ऋण हेतु आवेदन लंबित पडे है उन्हें बैंक शाखा के प्रभारी हर हाल में उन्हें निस्तारित करा दे। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस के तहत जो भी शिकायते आती है उनका निस्तारण समय से कर दे। 
 बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन बैंक के मैनेजर उपस्थित न होने पर अग्राणी बैंक अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल, जिला अग्राणी बैंक प्रबन्धक विजय शर्मा, डीडीएम नवार्ड रजनी, सीवीओं गजेन्द्र सिंह, एडी सूचना प्रमोद कुमार एवं जनपद के बैंक अधिकारी उपस्थित थे।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति