श्रावण मास में कांवड़ यात्रा स्थगित

उत्तर प्रदेश सरकार व शासन द्वारा कोरोना के संक्रमण को देखते हुए प्रत्येक स्तर पर कोरोना के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के निर्देश दिये गये है साथ ही प्रमुख स्थानों व बजारों, चैराहों आदि स्थानों पर पब्लिक एडेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी दी जाये। जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया है कि कोविड-19 कोरोना के संक्रमण के दृष्टिगत इस वर्ष श्रावण मास में कांवड़ यात्रा स्थगित रहेगी। कांवड़ यात्रा के स्थगन की जानकारी धार्मिक गुरूओं के माध्यम से जन.मानस में प्रचार-प्रसार करने के साथ ही यात्रा को प्रत्येक दशा में स्थगित रखा जाये। किसी भी धार्मिक कार्यक्रम त्योहारांे का आयोजन न किया जाये साथ ही साम्प्रादिक सौहार्द का वातावरण बनाये रखने में सभी सम्प्रदायों के धर्माचायों एवं सम्भ्रान्त व्यक्तियों का सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा है कि ईदुल-अजहा (बकरीद) का त्यौहार व नमाज आदि को भी घरों पर ही अदा किया जाये साथ ही प्रत्येक दशा में सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जाये। ईदगाह व मंदिर, मस्जिद आदि में दो गज की दूरी मास्क जरूरी व किसी भी दशा में पांच लोगो से ज्यादा एक जगह एकत्रित न हो न ही ऐसी दशा में पूजापाठ, नमाज आदि न करें। 
 जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन राम अभिलाष व अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानन्द राय ने बचत भवन के सभागार में धर्मगुरूओं के साथ पीस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते कहा कि इस माह कांवड़ यात्रा स्थगित रहेगी। ईदुल अजहां (बकरा ईद) कांवड़ यात्रा, रक्षा बंधन, ना.गपंचमी आदि के सम्बन्ध में शासन के निर्देशानुसार कांवड़ यात्रा आदि का आयोजन किये जाने पर पूरी तरह से रोक है। 1 अगस्त को बकरा ईद एवं जुम्मे की नमाज हेतु कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु धार्मिक स्थलों पर नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाना सुनिश्चित किया जाये। रक्षाबंधन के दिन महिलाए अपने परिवार के साथ कम से कम निकल तथा सोशल डिस्टेसिंग पालन अनिवार्य रूप से किया जाये। मौलाना सुहैल, मोहम्मद अहमद, सरदार अवतार सिंह छाबड़ा, अतुल गुप्ता, ज्ञानी जनक सिंह, सर्वेश्वर दासव्यास, प्रदीप श्रीवास्तव, महेन्द्र अगवाल आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना का संकट अभी कम नही है इसके लिए सरकार व प्रशासन, मीडिया पूरी तरह से आमजनमानस को जागरूक कर रही है तथा कोरोना से बचाव का रास्ता मास्क, सोशल डिस्टेसिंग आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारियां दें रही है। सबसे अहम भूमिका व्यक्ति के जिंदा रहने के लिए मंदिर/मस्जिद/गुरूदवारा, धर्मिक स्थलों आदि में व्यक्ति जब भी जायेगा जब व जिंदा रहेगा। सबसे पहले इंसानों का जिंदा रहना जरूरी है। मौलाना सुहैल ने कहा कि यदि जन्नत है तो पहले मानवता है मानवता का मतलब सभी धर्मो के व्यक्तियों से है कोरोना को देखते हुए पूरे विश्व के लोगों द्वारा हज जाने पर भी रोक लगा दी सारे मंदिर, गुरूद्वारें, मस्जिद भी कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए बंद रहें। आमजनमानस द्वारा आदमी के जीवन व मानवता व विज्ञान के महत्व को सबसे सर्वोपरि रखा गया। पहले इंसान के जीवन को बचाना है मंन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारे, कांवड आदि धार्मिक कार्यो को बाद में भी किये जा सकते है। मरीज की सेवा करना जरूरी है इसमें किसी भी प्रकार की अमानवीय कार्य न किया जाये। सावधानी व सर्तकता के साथ ही कार्य किया जाये। शासन व प्रशासन का साथ दें सरकार के दिशा निर्देशों व प्रोटोकाल का पालन स्वयं व दुसरे को कराये। 
 एडीएम व एएसपी ने कहा कि पवित्र त्योहारों को अपने घरेां में शान्ति एवं सौहार्द पूर्ण ढंग से सोशल डिस्टेसिंग के साथ मनाया जाये। धार्मिक स्थलों पर कतई भीड़ इकठ्ठा ना किया जाये। ज्यादा से ज्यादा लोग सोशल डिस्टेसिंग के साथ कार्य किया जाए तथा लाॅकडाउन का पालन भी करें। समस्त धर्म गुरूओ व सामाजिक व व्यापार बन्धुओं से कहा कि शासन के निर्देशों का पालन करना हम सब का दायित्व है। उन्होंने कहा कि त्योहरों के वक्त अंधविश्वास, पाखडों से दूर रहे तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों एक दुसरे व गरीब व्यक्तियों की मद्द करें। इस मौके पर कई धर्म गुरूओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये।