मेरी नजर में यार की तस्वीर इश्क है

सीने  में   इश्क   इश्क   की   तासीर  इश्क है !
अल्लाहा   जानता   है   के   तौकीर   इश्क है !


पस्ती  में   जिसने  माना  के  तदबीर  इश्क है !
पहुँचा   बलन्दियों   पे   तो   तकदीर  इश्क है !


क्यों  देखूँ   इस  जहाँन कीं  रंगीनियाँ  तमाम !
मेरी  नजर  में   यार     की   तस्वीर   इश्क है !


हर  लम्हा  आता--जाता   बताता   है  दोस्तो !
दुनिया  है   एक  ख्वाब  तो   ताबीर  इश्क है !


मुझ सा   कोई   गनी   नहीं   सारे   जहाँन  में !
आशिक   हूँ    मेरे    वास्ते   जागीर   इश्क है !


मिलकर  न  तोड़  पायेंगीं  दुनिया की  ताकतें !
हम  आशिकों  के   पाँव  की  जंजीर  इश्क है !


महका  जो  जख्म  हो  गया  अहसास ये मुझे !
जो  दिल  के  आर-पार  है  वो  तीर   इश्क है !


कुछ इस तरह अयाँ  हुआ मुझपे ये फलसफा !
दामन पे  टपका  आँख  से  जो  नीर  इश्क है !


मन्जिल  हमारे  पाँव  की  ठोकर  में  आयेगी !
गर  जिन्दगी   की   राह  का  रहगीर  इश्क है !


उस बा-वफा से मिलके ‘कशिश’ राज ये खुला !
तारीकी--ए--हयात    में    तनवीर    इश्क  है !