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हत्यारे की कुंडली मकतूल का नाम बताये

बात पिछलों दिनो की है जब हमारी संस्था वैदिक ज्योतिष एंव प्राच्य विद्या शोध संस्थान, लखनऊ की टीम फाॅरेन्सिक एस्ट्रोलाॅजी (ज्योतिष द्वारा अपराध अन्वेषण) पर काम कर रही थी टीम को ज्योतिष मे एक ऐसे सूत्र की खोज करने मे कामयाबी हासिल हुयी थी जिसके द्वारा किसी कत्ल हुये इंसान के जमंाक से उसके कातिल के नाम का स्पष्ट ज्ञान हो जाता है। उन्ही दिनों हमारे एक सहयोगी जे.पी. शर्मा जी ने सवाल उठाया कि अगर हत्या के शिकार हुये आदमी की कुुंडली से हत्यारे का नाम निकल रहा है। तो हत्यारे की कुंडली से भी मरने वाले भी नाम निकलना चाहिये सवाल वाजिब था हत्या होना या हत्या करना जीवन की अति महत्वपूर्ण दुर्घटना है टीम ने इस दिशा मे भी अध्ययन करना शुरू किया कई सूत्र आजमाये गये पर कोई सफलता हासिल नही हुयी। 24 अगस्त 2020 के दिन अचानक एक काल्पनिक सूत्र दिमाग मे आया मंैने इसे अपनी टीम को कई जमांकों पर टेस्ट करने को कहा नतीजे उत्साहवर्धक निकले 100 फीसदी सफलता। लग गया जैकपाॅट! लग्न जातक के शरीर बचपन शारीरिक सुख-दुःख, रोग दुर्घटना आदि को बताती है, और लग्नेश जातक के कर्म को लग्नेश से केद्रीय राशियां जातक के कर्मक्षेत्र तथा कर्मक्षेत्र के प्रमुख संपर्क वाले व्यक्तियों को बताती है अतः मृतक का नाम इन्ही केद्रीय राशियों मे होना चाहिये इस सूत्र मे कुंडली से नाम निकालने वाले बंगाली भृगु संहिता के सूत्र को भी जोड़ा गया तो सूत्र और सरल और सटीक बन गया। 
सूत्र-
1. सामांय रूप से लग्नेश से केन्द्रीय राशि मे मृतक का नाम होगा। 
2. जातक का लग्नेश यदि तीव्रगामी ग्रह शुक्र या चन्द्र से युत या दृष्ट हो या इनकी राशियों कर्क, वृष या तुला मे हो तो मृतक का नाम लग्नेश की राशि सेे अगली राशि से केन्द्रीय राशि मे होगा।
3. यदि लग्नेश वक्री है। तो नाम लग्नेश से 12 वीं राशि से केन्दीय राशि मे होगा। 
4. यदि लग्नेश का किसी अंय ग्रह से राशि परिवर्तन होता है। तो मृतक का नाम अंय ग्रह की राशि से होगा जैस मकर लग्न के लग्नेश शनि का मंगल से राशि परिवर्तन हो जैसे मेष मे ेशनि व मकर मे मंगल तो मृतक का नाम मकर से केन्द्रीय राशि मे होगा। 


इस सूत्र को निम्न जमंाकों पर प्रयोग किया गया:-
1. नाथुराम विनायक गोडसे-नाथूराम गोडसे का जंम 19 मई 1910 को सुबह 8.29 को पूना मे हुआ था उनका जमंाक इस प्रकार था मिथुन लग्न लग्न मे मंगल कन्या मे गुरू व चन्द्र, वृश्चिक मे केतु मीन मे शुक्र मेष मे शनि वृष मे सूर्य, बुध व राहू जातक का लग्नेश बुध वृष मे है। उसने महात्मा गांधी की हत्या की जिनका नाम मोहनदास करम चन्द्र गांधी था मोहन सिंह राशि मे आता है जो वृष से केन्द्रीय राशि है। 
2. नेवी कप्तान के एम एस नानावती जंम-2 मई 1922। समय दोपहर 11.55। बम्बई। जमंाक कर्क लग्न, कन्या मे गुरू शनि व राहू, धनु मे मंगल, मीन मे केतु, मेष मे सूर्य व बुध, वृष मे शुक्र, मिथुन मे चन्द्र, कुंडली मे लग्नेश चन्द्रमा मिथुन मे है नानावती ने प्रेम आहूजा की हत्या की जिसका नाम मिथुन से केन्द्रीय राशि कन्या मे आता है। 
3.. जेम्स अर्ल रे- र्मािर्टन लूथरकिंग जूनियर का हत्यारा। 10 मार्च 1928। 3.00 बजे दोपहर। एल्टन इयिनोस अमरीका। कर्क लग्न तुला मे चन्द्र, वृश्चिक मे शनि व केतु, मकर मे शुक्र व मंगल कुंभ मे सूर्य व बुध मीन मे गुरू वृष मे राहू। लग्नेश चन्द तीव्रगामी ग्रह शुक्र की तुला मे है तो मृतक का नाम तुला राशि सेे अगली राशि से वृश्चिक केन्द्रीय राशि मे होगा र्मािर्टन लूथर किंग सिंह राशि मे है जो वृश्चिक से केन्द्रीय राशि है।
4. जनरल मो. जिआउल हक-जंम 12 अगस्त 1924। 8.30 रात्रि। जलंधर भारत। कुंभ लग्न मे केतु व मंगल वक्री, मिथुन मे शुक्र कर्क मे सूर्य, सिंह मे बुध व राहू, तुला मे शनि वृश्चिक मे गुरू, धनु मे चन्द्र। जातक पाकिस्तान का राष्ट्रपति था उसने पूर्व पाक प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुटट्ो पर हत्या का आरोप लगा कर उसे फाँसी पर लटकवा दिया था जिआउल हक का लग्नेश शनि तुला मे उससे केन्द्रीय राशि मे मकर राशि आती है। जुल्फीकार अली भुटटों का नामाक्षर ज मकर राशि मे आता है।
5. सिरहन बिशरा सिरहन-जंम 19 मार्च 1944। प्रातः-2.00 जेरूसलम, इजरायल। जातक ने अमरीकी सिनेटर और एटाॅर्नी जनरल राॅबर्ट फ्रान्सिस कैनेडी की गोली मारकर हत्या कर दी थी जो भूतपूर्व अमरीकी प्रेसीडेंट स्व. जाॅन एफ कैनेडी के छोटे भाई थे धनु लग्न लग्न मे चन्द्रमा मकर मे केतु, कुंभ मे ेशुक्र मीन मे सूर्य व बुध, वृष मे शनि मिथुन मेे मंगल कर्क मे राहू व गुरू वक्री, जातक का लग्नेश गुरू कर्क मे है। उससे केन्द्रीय राशि तुला राशि है। जिसमे हत्या के शिकार राॅबर्ट एफ कैनेडी का नाम आता है।
        
  


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