सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सी.एम.एस. छात्रा ए.पी. इण्टरनेशनल डिप्लोमा से सम्मानित

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस), लखनऊ की अत्यन्त प्रतिभाशाली छात्रा अपूर्वा चैहान को कालेज स्तर की एडवान्स प्लेसमेन्ट परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन हेतु अमेरिका के कालेज बोर्ड द्वारा विश्व प्रतिष्ठित ए.पी. इण्टरनेशनल डिप्लोमा (एपीआईडी) से सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विश्व के कुछ ही छात्र ए.पी.आई. डिप्लोमा की पात्रता पर खरे उतरते हैं, अतः भारत के किसी भी छात्र/छात्रा के लिए ए.पी.आई. डिप्लोमा हासिल करना बहुत ही गौरवपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि ए.पी. कोर्स भारतीय स्कूलों के पाठ्यक्रम का नियमित हिस्सा ंनहीैं है। 
 ए.पी.आई. डिप्लोमा छात्रों की उत्कृष्ट शैक्षिक योग्यता, वैश्विक दृष्टिकोण, बहुमुखी प्रतिभा, सृजनात्मक क्षमता व रचनात्मक सोच को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करने वाला प्रमाणपत्र है। सी.एम.एस. की इस प्रतिभाशाली छात्रा ने एपीआई डिप्लोमा के अन्तर्गत विज्ञान, ह्यूमैनिटीज, विदेशी भाषाओं एवं वैश्विक परिप्रेक्ष्य के अनुरूप विभिन्न विषयों में अपने ज्ञान-विज्ञान का परचम लहराया है एवं रचनात्मक वैश्विक दृष्टिकोण की छाप छोड़ी है।
 बहुमुखी प्रतिभा की धनी सी.एम.एस. छात्रा अपूर्वा इटैलियन, फ्रेंन्च, जर्मन, अंग्रेजी एवं हिन्दी आदि विभिन्न भाषाओं में अपनी गायिकी हेतु जानी जाती है, साथ ही वह दुनिया के जाने-माने ओपेरा गायकों जैसे सेसीलिया बार्तोली (इटली), रेनी फ्लेमिंग (अमेरिका), मोन्टसेराट कैबेलिए (स्पेन) आदि से भी जुड़ी हुई हैं। गीत-संगीत की दुनिया में शानदार प्रदर्शन हेतु अपूर्वा को एसोसिएटेड बोर्ड आॅफ राॅयल स्कूल्स आॅफ म्यूजिक (ए.बी.आर.एस.एम.), लंदन द्वारा लेवल 4 डिप्लोमा से सम्मानित किया जा चुका है।
 श्रीमती पद्मजा चैहान, आई.पी.एस., आई.जी, पुलिस भर्ती बोर्ड, लखनऊ और श्री अजय चैहान, आई.ए.एस., कमिश्नर, उत्तर प्रदेश हाउसिंग बोर्ड, की बड़ी संतान अपूर्वा अपनी अभूपूर्व सफलता का श्रेय सी.एम.एस. की शिक्षा पद्धति एवं छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक वातावरण को देती है। इसके अलावा, अपूर्वा राष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी भी हैं। उन्हें अमेरिका के कालेज बोर्ड द्वारा एडवान्स प्लेसमेन्ट स्काॅलर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है, जो अमेरिकी विश्वविद्यालयों में एडमीशिन को सुलभ बनाता है।
 सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गांधी किंगडन ने अपूर्वा की अभूतपूर्व सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि सी.एम.एस. की इस प्रतिभाशाली छात्रा में अपने सपने सच करने की क्षमता है। वे अपूर्वा की इस नवीनतम उपलब्धि पर अत्यन्त प्रसन्न हैं और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उसकी सफलता की कामना करती हैं।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति