श्री राम मंदिर का निर्माण हिन्दू अस्मिता के जागरण का प्रतीक है

पर्यटन एवं विकास संस्थान, प्रयागराज के तत्वावधान में श्री राम मंदिर और हिन्दू अस्मिता विषय पर गूगल मीट के माध्यम से डा० नीलिमा मिश्रा के संयोजन और डा० शम्भुनाथ त्रिपाठी अंशुल जी के संचालन में वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अंशुल जी ने राम स्तुति से करके पटल को राममय कर दिया। इस विषय पर कार्यक्रम के अध्यक्ष डा० डी० पी० दुबे, प्रोफेसर प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कहा कि श्री राम मंदिर का निर्माण हिन्दू अस्मिता के जागरण का प्रतीक है और हमें इस जागृति को बनाये रखना है।
मुख्य वक्ता के रूप में पं उदय शंकर दुबें, रामचरितमानस एवं पाण्डुलिपि विशेषज्ञ ने कहा कि आज से 492 साल पहले जिस राम मंदिर को ध्वन्स कर हिन्दुओं के सम्मान को ठेस पहुँचायी गयी थी वह सम्मान आज हमें वापस मिल गया। डा० नीलिमा मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण से एक नये युग का प्रारम्भ हो रहा है, भारत की भूमि से शांति और मर्यादा का संदेश पूरे विश्व को मिल रहा है। प्रतिमा मिश्रा जो हिन्दू जागरण मंच प्रयागराज की अध्यक्ष हैं ने कहा कि रामराज्य का हमें आज दर्शन हो रहा है। ऋतन्धरा मिश्रा जो विख्यात रंगकर्मी और इलाहाबाद हाईकोर्ट में एडवोकेट हैं उनका कहना है कि राम मंदिर न सिर्फ हिन्दू बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का जागरण हैं। उमेश श्रीवास्तव, शहर समता विचार मंच के अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण की ही आधारशिला नही ये हिन्दुत्व के सम्मान की नींव है। डा० समाज शेखर जो रामजन्म आंदोलन में अपनी कार सेवा भी कर चुके हैं उनका मानना है कि राम मंदिर निर्माण का प्रारम्भ उनके सपने के सच होने जैसा है हमें नये जोश से प्रेम और सौहार्द के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी करना है। डा० शम्भुनाथ त्रिपाठी अंशुल ने कहा कि आज पूरा विश्व राममय नजर आ रहा है, साथ ही उन्होंने अपने कुशल संचालन से कार्यक्रम को सफलता प्रदान की, अंत में उमेश श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।