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सतत विकास लक्ष्य

वैश्विक लक्ष्यों में गरीबी खत्म करना, पर्यावरण की रक्षा, आर्थिक असमानता के कम करना और सभी के लिए शान्ति एवं न्याय सुनिश्चित करना सतत विकास लक्ष्यों में शामिल है। इसमें 17 सतत विकास लक्ष्य रखे गये है। जिन्हें अधिकारी भली-भांति जानकर कार्यवाही करें। एडीजी भारत सूचकांक की महत्ता को दर्शाता है। सतत विकास के पांच वैश्विक लक्ष्यों का क्रियान्वयन शामिल है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव व मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल द्वारा निर्देशित किया गया है कि उपनिदेशक क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान, जिला विकास अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, बीएसए, डीपीओ, डीपीआरओ, अधिशाषी अभियन्ता सिचाई-बिजली, उपायुक्त उद्योग, जिला समाज कल्याण, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, वनाधिकारी, एडीएम, डीएफओ, एसपी आदि सम्बन्धित विभागों कें अधिकारियों को निर्देश दिये कि सतत विकास लक्ष्य की ओर बढ़े। इसके लिए निरन्तर लोगों को जानकारी दी जाये। जिससे गरीबी, भुखमरी पूर्णतः समाप्ति, अच्छा स्वास्थ्य और जीवन स्तर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैगिंक समानता, साफ पानी व स्वच्छता, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक विकास, उद्योग, नवाचार और बुनियाद ढाचां का विचार, असमानता में कमी, टिकाऊ शहरी और सामुदायिक विकास, भूमि पर जीवन, शान्ति और न्याय के लिए संस्थान, लक्ष्य प्राप्ति में सामूहिक साझेदारी की ओर विकास कर सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास सरकार के नीतियों की ओर अग्रतर विकास करें। डीएम व सीडीओं द्वारा कहा गया है कि जीवन में रचनात्मक सकारात्मक कार्यो को अधिक तरजीह देकर विकास व निर्माण कार्यो में तेजी लाये तथा सतत विकास लक्ष्य की ओर बढे।
 सतत विकास लक्ष्य से जुड़े 17 लक्ष्यों उद्देश्य विवरण आदि की जानकारी विगत दिवस क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्टर व पुस्तिका कार्यशाला के माध्यम से जानकारियां दी जा रही है। सतत् विकास के 17 लक्ष्यों को बिन्दुओं पर ध्यान में रखते हुये प्रदेश सहित जनपद के सब जगह गरीब व्यक्तियों की गरीबी का अन्त करना, भुखमरी व लैंगिंक असमानता को समाप्त करना, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोष हासिल करना तथा सत्त कृषि को बढ़ावा देना तथा स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना और सभी के लिए आजीवन तंदुरूस्ती को बढ़ावा देना प्रथम प्राथमिकता के साथ ही विकास की गति को बढ़ावा देना है। केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही लाभ परक योजनाओं को गरीबों तक पहुचाने व लाभ दिलाये जाने में सहयोग प्रदान कर, लक्ष्य को पूर्ण करना है। दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान लखनऊ के महानिदेशक वैकटेश्वर लू व जनपद के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान, रायबरेली की उपनिदेशक-आचार्य गरिमा सिंह के नेतृत्व में सतत् विकास लक्ष्य विषयक पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियो-कर्मचारियों व आमजन को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे है। 2026 तक योजनाओं के क्रियान्यवन करने हेतु सभी विभागों को लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुये करना होगा, तथा सतत् विकास के इतिहास-भूगोल पर विस्तार आदि पर से चर्चा की जा रही है। सतत् विकास लक्ष्यों की विस्तार से जानकारी कार्यशाला के माध्यम से दी गई है कि विभिन्न स्तरों पर गठित समितियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व के बारे में विस्तार से बताते हुये कहा कि सबसे पहले 2030 तक गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों की गरीबी को खत्म करने में सहयोग प्रदान करने के लिए इसके लिए तैयार रहना होगा।


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परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

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