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स्कूल्स मैनेजर एसोसिएशन की बैठक

रायबरेली स्कूल्स मैनेजर एसोसिएशन की बैठक गत दिवस प्रभुटाउन स्थित राइजिंग चाइल्ड स्कूल में संपन्न हुई। संरक्षक अरविन्द श्रीवास्तव की संस्तुति से अध्यक्ष गौरव सिंह ने कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमे प्रभात सिंह को महासचिव, शिवेंद्र श्रीवास्तव को कोषाध्यक्ष, अमित श्रीवास्तव को उपाध्यक्ष तथा दीपक यादव को जिला सचिव नियुक्त किया गया। सभी नवनिर्वाचित पाधिकारीयो ने संरक्षक व अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। साधारण सभा में उपस्थित समस्त प्रबंधको ने एसोसिएशन द्वारा अब तक निजी विद्यालयों के हित में की गई कार्यवाही की भुरि-भुरि प्रशंसा किया। विदित हो कि एसोसिएशन के द्वारा जहां शासन को ज्ञापन पत्र देकर विद्यालय हितों का ध्यान रखते हुए मान्यता नियमावली में परिवर्तन करवाए जाने का अभूतपूर्व कार्य किया वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, रायबरेली से मिलकर टी.सी. में काउंटर साइन की बाध्यता को समाप्त करवाए जाने जैसा महत्वपूर्ण कार्य संपादित किया गया। प्रबंधक सूरज शुक्ला ने सुझाव दिया कि एसोसिएशन की वेबसाइट बनाकर जिले के अभिभावकों का एजुकेशनल क्रेडिट स्कोर बनाया जाए जिसमे जनपद के सभी डिफाल्टर अभिभवाको की सूची डाली जाए जिससे किसी भी विद्यालय प्रबंधक का अहित होने से बच सके, कोषाध्यक्ष शिवेंद्र श्रीवास्तव ने कहा विद्यालयों के पक्ष में क्रय किए गए विद्यालय वाहनों की ईएमआई के संबंध में ध्यान आकृष्ट कराते हुए सुझाव दिया कि शासन एवं प्रशासन से मिलकर विद्यालयों के खुलने तक ईएमआई पर रोक बरकरार रखने की मांग कि जाए। एसोसिएशन के नवनियुक्त पदाधिकारियों का प्रबंधको द्वारा माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष गौरव सिंह ने सभी प्रबंधकों के प्रति आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि निजी विद्यालयों के हित में एसोसिएशन सदैव तत्पर रहेगी और जनपद के कोई भी मान्यता प्राप्त विद्यालय हमारे संगठन से जुड़ सकता है इस मौके पर प्रबंधक रवि दीक्षित, दिलीप श्रीवास्तव,जाकिर खान रघुवीर सिंह डॉ प्रदीप श्रीवास्तव सूरज शुक्ला आलोक श्रीवास्तव आदित्य मिश्रा अमित श्रीवास्तव शिवेंद्र श्रीवास्तव प्रवीण श्रीवास्तव संजय जैसवाल सुनील साहू अंशुमान सिंह प्रभात सिंह दीपक यादव नीरज त्रिवेदी आदि प्रबंधक विशेष रूप से उपस्थित रहे।


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पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

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