वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने भविष्य के लिए जल संग्रहण करने हेतु जल संचयन के कार्यों को सरकार की प्राथमिकता में सम्मिलित किया गया है। शासन द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय भवनों तथा स्कूल-कालेजों के भवनों पर अनिवार्य रूप से रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना के निर्देश दिए गए है। इसी दिशा में विशेष प्रयास करते हुए शासन स्तर से लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियन्ता-सहायक अभियन्ता को जनपद स्तर पर रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना के कार्य की प्रगति का अनुश्रवण करने हेतु नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जल संचयन को व्यापक जन सहभागिता के द्वारा जन आन्दोलन का रूप दिये जाने की आवश्यकता है। इसमें समस्त नागरिकों से सक्रिय योगदान की अपेक्षा की गई है कि समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठानों-औद्योगिक इकाइयों-गैर सरकारी संगठनों एवं कृषकों इत्यादि से अनुरोध है कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिगं प्रणाली स्थापित करते हुए जलसंचयन के कार्य प्रभावी रूप से किए जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारन्टी योजना के अन्तर्गत भी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक स्थलों पर जल संचयन के विविध कार्य किए जा रहे है, जिसमें गाँव के शासकीय विद्यालयों पर रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना तथा लाभार्थी कृषक के खेतों में तालाब, रिचार्ज पिट इत्यादि कार्य सम्मिलित हैं। इसके लिए खण्ड विकास अधिकारी से सम्पर्क किया जा सकता है।
जल संचयन कार्यों के लिए सुलम डिजाइन भूगर्भ जल विभाग की वेबसाइट, मनरेगा की वेबसाइट अथवा जनपद के भूगर्भ जल विभाग-लघु सिंचाई विभाग से प्राप्त कर नयी तकनीक के आधार पर कृषक, आम नागरिक, औद्योगिक इकाईयाँ तथा गैर सरकारी संगठन इस विधि को अपना सकते है।