देशी गाय के गोबर से गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाई

देश की संस्कृति व धर्म को आगे बढ़ाने में लगी है डॉ संतोष सिंह। डॉ संतोष ने देशी गाय के गोबर से प्रथम पूज्य गणेश जी व माता लक्ष्मी की मूर्ति बनाई है। इससे अच्छी बात क्या होगी कि दीवाली के दिन गाय के गोबर से बने गणेश लक्ष्मी का पूजन होगा। डॉ संतोष सिंह न केवल गाय के गोबर से मूर्तिया बनाती है बल्कि घर के बेकार सामानों से भी वो खिलौने, मूर्तियां, सजावटी सामान आदि बनाती हैं।
डॉ संतोष सिंह के पिता सेना में कार्यरत थे और अपने संस्कारो के प्रति जागरूक थे वहां से डॉ संतोष ने भारतीय संस्कार को जाना वही केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा ग्रहण के दौरान एक विषय (एसयूपीडब्ल्लू) से कला सीखी और पढ़ाई में आगे अर्थशात्र में पीएचडी किया। इससे उन्होंने संस्कार को अर्थ से जोड़कर एक नया अध्याय लिखना शुरू किया। डॉ संतोष ने बहुत से बच्चियों को इस कला को सिखाकर उनको स्वावलंबी बनाया और आगे भी इस कार्य को जारी रक्खे हुए हैं। संतोष न केवल गाय के गोबर से ही गणेश जी व लक्ष्मी जी की प्रतिमा बनाती है बल्कि वो कूड़े से भी खिलौना, छोटी बड़ी कलात्मक वस्तुए भी बना डालती है। इनका कहना है कि हम चाहते है कि लोग इस कला को सीखे और स्वावलंबी बने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे।