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रेलवे की भूमि पर अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ चला रेलवे विभाग का डण्डा


 जय प्रकाश दिवेदी, गोण्डा ब्यूरो चीफ

कर्नलगंज (गोण्डा)। तहसील मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन कर्नलगंज के अगल-बगल किये गये काफी मात्रा में अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिये रेलवे प्रशासन काफी सख्त दिखाई पड़ा। विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर जैसे ही लोगो की दुकानों पर जेसीबी चली तो वहाँ एकाएक हड़कम्प मच गया। दण्डाधिकारी की उपस्थिति में आरपीएफ, जीआरपी व स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रुप से अभियान चलाते हुये करीब दर्जनों अवैध दुकानें हटवा दी गयीं। सशस्त्र बलों के पहुंचते ही सड़क किनारे लगने वाले ठेले वगैरह सब तुरन्त हट गये। मालूम हो कि लोगों द्वारा किये गये अवैध अतिक्रमण के कारण स्टेशन की सडकों पर राहगीरों का चलना मुश्किल था। रेलवे क्रासिंग का समपार फाटक बंद होने के कारण अक्सर जाम लग जाता था। अतिक्रमण हटवाने के मामले में रेलवे प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को लिखित व मौखिक सूचना देने के बाद जगह-जगह नोटिस चस्पा किया गया था और नोटिस में कहा गया था कि आप सभी के द्वारा करनैलगंज स्टेशन की रेलवे भूमि में अवैध रूप से दुकान,गुमटी व खोमचा लगाकर कब्जा किया गया है, उसे अविलम्ब हटा लें अन्यथा आगामी 17 दिसम्बर तक न हटाने पर रेलवे प्रशासन द्वारा अपने सशक्त बलों के माध्यम से उन्हें मजबूरन हटवाना पड़ेगा। उसमें जो भी क्षति होगी उसकी जिम्मेदारी आपकी होगी। लेकिन अतिक्रमणकारियों पर उक्त नोटिस का कोई प्रभाव नही दिखा तो रेलवे प्रशासन ने जेसीबी से दुकानें तोड़वा दिया। नोटिस के आधार पर रेलवे पुलिस पूरी तैयारी के साथ पहुंची। अतिक्रमण हटाओ अभियान में दण्डाधिकारी,आरपीएफ व जीआरपी के कई अधिकारियों सहित काफी संख्या में सशस्त्र बल शामिल था। स्टेशन मास्टर ने बताया कि पहले से रेलवे का पिलर लगाया गया है। बावजूद इसके पिलर के आगे तक अनेकों दुकाने मनमाने ढंग से लगा दी गयीं थी। पहले समस्त अवैध अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाकर रेलवे विभाग की भूमि खाली करने को कहा गया था। लेकिन जब दुकानदारों ने नहीं हटाया तो पुलिस को कार्रवाई कर हटाना पड़ा। वहीं अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर स्टेशन के इलाके में आज पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। ’रेलवे क्रासिंग के समपार फाटक के आसपास की दुकानें हटायी गई। रेलवे क्रासिंग के समपार फाटक बंद होने से हमेशा लगा रहता था जाम। अतिक्रमण कर मौजूद तमाम दुकानों को हटाया गया। अभियान के दौरान प्रतिरोध होने की संभावना थी। लेकिन भारी पुलिस बल के कारण अतिक्रमणकारियों की एक नहीं चली। दंडाधिकारी ने बताया कि अतिक्रमण का दायरा बढे नही, इसके लिए अलग से और पिलर लगाया गया। रेलवे के विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अब आगे से अतिक्रमण की कोशिश हुई, तो अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी और उनसे काफी सख्ती से पेश आया जायेगा।

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