बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है होली का त्यौहार: राजेंद्र कुमार (पूर्व पार्षद) भारतीय जनता पार्टी

बरूआ सागर जनपद झांसी में रंगों का त्यौहार होली नगर में विभिन्न स्थानों पर धूमधाम उत्साह उमंग एवं प्रेम सद्भाव के साथ मनाई गई। जिसमें लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी। हिंदू परंपराओं से होली दिवाली के बाद आने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है। कुछ जगह तो एक हफ्ता तक चलता है। जिसकी शुरूआत होलकर दहन से होती है जो बुराई पर अच्छाई की जीत है जीत का प्रतीक है। यह दिन उत्साह और फूलों की होली खेलने और सौहदपूर्ण बढ़ाने का होता है। होली एक रंगों का त्यौहार एक आकर्षक सांस्कृतिक और धार्मिक उत्साह है, भारत के सबसे बड़े  उत्सवों  में से एक होली रंगों का उत्साह और कई अन्य चीजों के साथ बसंत ऋतु का प्रतिनिधित्व करने वाला एक आनंदमय त्यौहार है। 

घर-आंगन में होली खेलती हेमलता, पुष्पा, हेमा, उर्मिला, सीमा, अनीता, उमा वर्मा, वर्षा, राधा,  विजय भारती, शारदा वर्मा आदि महिलाएं घरआंगन में होली खेला एवं होली का रंग नृत्य भी किया।

इस पौराणिक कहानी के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने अपनी शरारती भावना से खेल-खेल में राधा रानी के चेहरे पर रंग लगाया जिससे होली की परंपरा की शुरूआत हुई।





 

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